-अजीत प्रसाद के नेतृत्व में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा, दोषियों पर एफआईआर, कड़ी कार्रवाई और सांसद अवधेश प्रसाद की सुरक्षा बढ़ाने की उठाई मांग
मिल्कीपुर । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं फैजाबाद (अयोध्या) के सांसद अवधेश प्रसाद के चित्र पर कथित रूप से जूते-चप्पलों से प्रहार, जातिसूचक शब्दों के प्रयोग तथा पुतला फूंके जाने की घटना के विरोध में मंगलवार को मिल्कीपुर विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी अजीत प्रसाद के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी मिल्कीपुर को सौंपकर दोषियों के विरुद्ध तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि सांसद अवधेश प्रसाद एक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि हैं, जिन्होंने लंबे समय तक विधायक, मंत्री और वर्तमान सांसद के रूप में जनता की सेवा की है। उनके चित्र का सार्वजनिक रूप से अपमान, जातिसूचक टिप्पणियां करना और पुतला दहन जैसी घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों एवं सामाजिक सौहार्द के विपरीत हैं। ऐसे कृत्य से न केवल एक जनप्रतिनिधि का बल्कि उनके समर्थकों और समाज के बड़े वर्ग की भावनाओं को भी ठेस पहुंची है।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि घटना में शामिल सभी लोगों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए। साथ ही सांसद अवधेश प्रसाद एवं उनके परिवार की सुरक्षा बढ़ाई जाए, क्योंकि इस प्रकार की घटनाओं से उनकी सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो सकता है।
इस अवसर पर अजीत प्रसाद ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि के सम्मान को ठेस पहुंचाने, जातिसूचक भाषा का प्रयोग करने और सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाले कृत्यों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष एवं शीघ्र कार्रवाई की मांग की। सपा प्रवक्ता लवलेश पांडेय ने बताया कि ज्ञापन सौंपने वालों में सपा जिला महासचिव बख्तियार खान, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के विधानसभा अध्यक्ष सोहनलाल रावत, जिला उपाध्यक्ष रामजी पाल, डॉ वेद प्रकाश यादव, रामसतन कोरी, सुनील कुमार कोरी, विश्राम रावत,राम बहादुर यादव, राम तेज यादव,बाबूराम चौहान, प्रहलाद रावत,घनश्याम गुप्ता,विश्वनाथ रावत, राम केवल रावत,अखिलेश कुमार,शिव नारायण, परशुराम रावत,शेर बहादुर पासवान,राम बहादुर पासी, अनमोल सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।