सपा ने दबे कुचले वर्ग को ऊपर लाने का किया प्रयास: तेजनारायण

    सपाईयों ने पूर्व सांसद फूलन देवी की शहादत दिवस पर अर्पित की श्रद्धांजलि

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    फैजाबाद। पूर्व सांसद फूलन देवी की शहादत दिवस पर समाजवादी पार्टी ने उन्हें भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित की। करौंदी ऐमी आलापुर में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने उन्हें जुझारू नेत्री बताते हुए समाज के लिये प्रेरणा दायी व्यक्तित्व बताया।
    कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर रहे पूर्व मंत्री तेजनारायण पाण्डेय पवन ने इस मौके पर कहा कि फूलन देवी ने जुल्म व अत्याचार का मुकाबला कर शोषित और पीड़ित समाज को प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा से समाज में दबे व कुचले वर्ग को ऊपर लाने का प्रयास किया। फूलन देवी ने शोषित समाज को एक नई जिन्दगी देने के लिये जो कोशिश की है वह काबिले तारीफ है। श्री पाण्डेय ने कहा कि मामूली से परिवार में जन्म लेकर देश की सबसे बड़ी पंचायत तक पहुॅंचना फूलन देवी की काबिलियत व क्षमता का बेहतरीन उदारहण हैं। उन्होंने कहा कि फूलन देवी की आत्मा को तभी शान्ति मिलेगी। जब समाज में बेटियाँ आगे बढ़कर अपने समाज और माँ-बाप समेत पूरे देश का नाम रोशन करने के लिये एकजुट हों।
    कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य शम्भूनाथ सिंह दीपू ने फूलन देवी को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए उन्हें समाज के लिये प्रेरणादायी महिला बताया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजय यादव ने कहा कि फूलन देवी ने अपने ऊपर हुए जुल्म, अत्याचार का मुकाबला कर समाज को एक संदेश दिया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा निषाद विकास मंच एवं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम दुलारे निषाद ने किया।
    सपा प्रवक्ता चैधरी बलराम यादव ने इस मौके पर फूलन देवी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने फूलन देवी के माध्यम से यह संदेश दिया है कि इरादे मजबूत हों तो संसार में कोई भी कार्य असम्भव नहीं। उन्होंने कहा कि हम सभी को जुल्म एवं अत्याचार का मुकाबला करने के लिये फूलन देवी को अपना आदर्श बनाना चाहिए। इस मौके पर मुख्य रूप से शम्भूनाथ सिंह दीपू, संजय यादव, स्नेहलता निषाद, राम दुलारे निषाद, चैधरी बलराम यादव, गयादीन यादव, म0 अनिल मिश्र, राजेश चैबे, सीताराम तिवारी, राम स्वरूप निषाद, रमेश निषाद, जगन्नाथ पाल, संदीप यादव, भानू प्रताप यादव, अखिलेश यादव, रामजनम वर्मा, शिवराम निषाद, जय पाल निषाद, विश्वनाथ निषाद, राम औतार, राम सूरत निषाद, जोखूराम निषाद, रामराज निषाद, घिर्राउ निषाद, राधेश्याम निषाद, संजय निषाद, प्रेमनाथ निषाद, जुग्गीलाल प्रजापति, शिवकुमार पाल आदि लोग मौजूद थे।