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109वें जन्मदिवस पर याद किये गये डाॅ. राममनोहर लोहिया

सीमान्त समूह का अर्थशास्त्र एवं लोहिया के विचार विषय पर हुई राष्ट्रीय संगोष्ठी

अयोध्या। 109वें जन्मदिवस पर डाॅ. राममनोहर लोहिया को शिद्दत से याद किया गया। .राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कौटिल्य प्रशासनिक भवन मे डा. राममनोहर लोहिया के 109वें जन्मदिवस पर सीमान्त समूह का अर्थशास्त्र एवं लोहिया के विचार पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे प्रति कुलपति प्रो. एस. एन. शुक्ला ने डा. लोहिया के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलन से कार्यक्रम का शुभारंभ के किया। इस मौके पर प्रति कुलपति प्रो. एस.एन शुक्ल ने कहा कि डा. लोहिया अर्थशास्त्री व राजनीति के पुरोधा है हम अगर लोहिया वाटिका को ही सुंदर व आकर्षक बना दे यही उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी । आप सभी बधाई के पात्र है हम सब कुलपति मनोज दीक्षित की भावना के अनुरूप कार्य कर रहे है डा. लोहिया के विचार आज भी समसामयिक है उनहोंने अपनी योग्यता के बल पर पहचान बनाई है। पहले के समय मे महापुरुष ऐसे क्षेत्र से आते थे जहां विकास की किरण तक नही पहुंची होती थी उनका मानना था कि भारत को अगर तरक्की करनी है तो हमें भाषा व संस्कृति को पकड़ कर चलना होगा हमे क्षेत्रीय भाषाओं को संजो कर रखना है और उस पर हमें गर्व करना चाहिए भारत की समस्त योजनाएं समाज के वंचित वर्ग को ध्यान मे रखकर बनाना चाहिए जिससे सभी का विकास हो और स्त्री पुरूष को सामान अवसर प्राप्त हो। मैनें उनके कई लेख पढें है जिनमे उनका राम,कृष्ण और शिव का लेख ने मुझे बहुत प्रभावित किया है इसमे लोहियाजी ने बताया है कि हम इनको क्यों सुप्रीम पावर मनाते है । वही विश्वविद्यालय के प्राक्टर प्रो. आर. एन. राय ने कहा कि सीमान्त समूह के गरीब को छोड़कर हम विकास की कल्पना नही कर सकते है जब तक सभी सम्पन्न नही होगे हम विकास नही कर पायेंगे । हमें वंचितों को विकास से जोड़ना होगा ।इस मौके पर कार्य परिषद सदस्य ओम प्रकाश सिंह ने कहा की लोहिया जब भी बोले है तब तब दिल्ली डोली है लोहिया ने कहा कि जो भी अच्छा कार्य करेगा ऐसी मेधा को हिन्दुस्तान खोज लेगा शोध कार्य अपनी मातृभाषा मे ही होने चाहिए जिससे शोध अधिक लोगों लाभान्वित हो सकें। इस अवसर पर प्रो. मृदुला मिश्रा, प्रो. अशोक शुक्ला,प्रो.राजीव गौड़,परीक्षा नियंत्रक उमानाथ,प्रदीप,अलका श्रीवास्तव ने भी अपने विचार व्यक्त किये ।इस संगोष्ठी से पूर्व प्रति कुलपति प्रो. एस. एन. शुक्ला ने कुलपति मनोज दीक्षित की प्रेरणा से भव्य स्वरुप मे निर्मित लोहिया वाटिका का लोकार्पण व डा. लोहिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया । साथ ही रुसा परियोजना के अंतर्गत दृश्य कला विभाग को पांच लाख की लागत के मिले उपकरणों का शुभारंभ भी किया गया जिसकी मदद से दृश्य कला विभाग के छात्र सुमित ने छः मिनट मे डा. लोहिया का लाइव चित्र भी बनाया । इस संगोष्ठी अवसर पर प्रति कुलपति प्रो. एस. एन. शुक्ला को शाला व स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया ।इस मौके पर प्राक्टर प्रो.आर. एन. राय,मीडिया प्रभारी प्रो. के. के. वर्मा, प्रो. मृदुला मिश्रा, प्रो. शैलेंद्र कुमार,प्रो. सी. के. मिश्रा, प्रो. अशोक शुक्ला,प्रो. राजीव गौड़,ई. विनीत सिंह,ई. बृजेश भारद्वाज,सरिता द्विवेदी,रीमा राना,पल्लवी सोनी,अलका श्रीवास्तव सहित छात्र – छात्राएं मौजूद रहें।कार्यक्रम का संचालन प्रो. विनोद श्रीवास्तव ने किया ।

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