वैज्ञानिक दृष्टि में आर सॉफ्टवेयर सिद्ध होगा बहुउपयोगी

गणित एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला का समापन

अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के गणित एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला का समापन विभाग के सभागार कक्ष में संपन्न हो गया। कार्यशाला समापन सत्र के मुख्य अतिथि विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो0 आर0के0 तिवारी रहे। पांच दिवसीय कार्यशाला में मुख्य रिसोर्स पर्सन के रूप में दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर, गणित एवं सांख्यिकी विभाग के आचार्य विजय कुमार ने प्रोबेबिलिटी डिस्ट्रीब्यूशन के माध्यम से सिमुलेशन प्रोग्राम का संचालन एवं प्रदर्शन आर सॉफ्टवेयर पर किया। प्रतिभागियों को तकनीकी पक्षांे की जानकारी प्रदान करते हुए प्रो0 विजय कुमार ने बताया कि आने वाले समय में वैज्ञानिक गणित खोजों के लिए आर सॉफ्टवेयर की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो जाएगी। आप सभी इस तकनीकी पक्ष के प्रत्येक चरण को गहराई से आत्मसात् कर शोध कार्यों की गुणवत्ता को पुख्ता करें। डाटा एनालिसिस का परिणाम तथा वास्तविकता में सामंजस्य आवश्यक होता है। कार्यशाला के समापन सत्र में मिड वेस्टर्न विश्वविद्यालय नेपाल के डॉ0 आर एस वारे, डॉ0 एल बी ने भी आर सॉफ्टवेयर की उपयोगिता पर तकनीकी प्रस्तुति की।
कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे विभागाध्यक्ष प्रो0 सी0के0 मिश्र ने समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के शैक्षिक वैज्ञानिक उन्नयन में कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित के प्रति विभाग आभार व्यक्त करता है क्योंकि कुलपति जी की दूरदर्शिता का प्रतिफल है अब विभागों में तकनीकी संसाधनों की कमी नहीं रह गई है। आर सॉफ्टवेयर भविष्य की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इससे डाटा एनालिसिस में समय की बचत एवं गुणवत्ता में वृद्धि होगी। कार्यशाला के समापन सत्र की विस्तृत रिपोर्ट कार्यशाला संयोजक प्रो0 एस0एस0 मिश्र ने प्रस्तुत की । प्रो0 मिश्र ने कार्यशाला की प्रासंगिकता पर कहा की आने वाले समय में वैज्ञानिक दृष्टि में आर सॉफ्टवेयर बहुउपयोगी सिद्ध होगा।
कार्यशाला का संचालन सचिव डॉ0 अभिषेक एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रो0 एस0 क0े रायजादा ने के किया। इस कार्यशाला में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लेकर ज्ञानार्जन किया। कार्यशाला में त्रिभुवन विश्वविद्यालय, जनकपुरी नेपाल के लाल बाबू सोध छात्र अलाउद्दीन तथा अन्य जिलों के प्रतिभागियों ने भाग लिया। विश्वविद्यालय परिसर के छात्र भी उपस्थित रहे।

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