-महंगाई भत्ता, ईपीएफ, एचआरए और ग्रेच्युटी का लाभ भी मांगा
अयोध्या। उप्र. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर गुरुवार को जिले के एनएचएम के अधिकािरयों व कर्मचारियों ने दर्शननगर स्थित सीएमओ कार्यालय परिसर में तीन दिवसीय धरना प्रारंभ कर दिया है। संघ का दावा है कि धरने में जिले भर से सैकड़ों कर्मचारी शामिल हुए। संगठन ने धरने के दौरान अपनी प्रमुख मांगों को जोरदार तरीके से रखा और शासन का ध्यान आकर्षित किया।
जिलाध्यक्ष दिवाकर पांडेय व जिला मंत्री अखिलेश प्रताप िसंह की ओर से मीडिया जारी किए गए बयान के मुताबिक अपनी मांगों को बताया। सबने एक स्वर में मांग रखी कि एनएचएम के अंतर्गत विगत 18 वर्षों से अधिक समय से निरंतर सेवा दे रहे संविदा कर्मचारियों का स्वास्थ्य विभाग में नियमितीकरण किया जाए। जब तक समान कार्य-समान वेतन लागू नहीं होता, तब तक सभी संविदा कर्मचारियों के मौजूदा वेतन में तत्काल वृद्धि कर सम्मानजनक वेतन दिया जाए। साथ ही उन पदों का सृजन किया जाए जो स्वास्थ्य विभाग में अभी सृजित नहीं हैं।
संविदा कर्मचारियों व उनके आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए कम से कम 10 लाख का फैमिली फ्लोटर कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा दिया जाए। रिक्त पदों पर गैर-जनपद स्थानांतरण नीति बहाल करने समेत अन्य मांगें रखी हैं। यदि मांगें पूरी नहीं होतीं या राज्य प्रतिनिधि मंडल के साथ सार्थक वार्ता नहीं होती तो 12 अक्टूबर से प्रदेश के सभी जनपदों से बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी लखनऊ पहुंचकर अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
धरने के दौरान विभाग के कार्यक्रम में उपस्थित महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी को संगठन ने अपनी मांगों का समर्थन पत्र सौंपा। महापौर ने मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। बताया जाता है कि धरने के दौरान एक बार भी सीएमओ नहीं आए। धरने में डॉ आशीष पाठक, डॉ. आशुतोष प्रताप सिंह, डॉ. प्रज्वल कुमार, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. वीरेंद्र वर्मा के अलावा डीपीएम राम प्रकाश पटेल व ब्लॉक एवं जिला स्तरीय स्वास्थ्य इकाइयों के लगभग 500 कर्मी शामिल रहे।