-तक्षक नाग द्वारा डसने का प्रसंग सुनकर मंत्रमुग्ध हुए श्रोता

अयोध्या। पूराबाजार के कृष्णा पुर गांव में पूर्व मंत्री तेज नारायण पाण्डेय पवन द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन व्यास पीठ से डा राघवाचार्य जी महाराज ने कथा का महात्म्य राजा परीक्षित का जन्म और श्राप, शुकदेव जी का आगमन भीष्म स्तुति तथा ध्रुव चरित्र के प्रसंग सुनाया। उन्होंने सुनाया कि श्रीमद्भागवत ग्रंथ की महिमा और इसके श्रवण से मनुष्य के पापों का नाश एवं मोक्ष प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि पाण्डव वंश के राजा परीक्षित तथा ऋषि शमीक के अपमान के कारण ऋषि के पुत्र ऋंगी द्वारा तक्षक नाग द्वारा डसने का पूरा प्रसंग सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।
कथा व्यास राघवाचार्य जी ने श्रीमद्भागवत कथा के प्रसंगों को जिस अद्भुत अंदाज में प्रस्तुत किया लोग भाव विभोर हो गए। उन्होंने ध्रुव चरित्र का वर्णन बहुत रोचक और अध्यात्मिक तरह से सुनाया। वातावरण में आध्यात्मिक कौतुक पैदा हो गया। लोगों ने करतल ध्वनि से इस प्रसंग के प्रस्तुति का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस का वर्णन पद्मपुराण के उत्तराखंड से आता है।इसका वर्णन उन्होंने शिव, पार्वती और सनकादि ऋषि तथा नारद के संवाद की तरह किया।
दूसरे दिन की कथा के पूर्व मुख्य यजमान राज भूषण पाण्डेय और पूर्व मंत्री तेज नारायण पाण्डेय ने श्री राघवाचार्य जी की आरती पूजन किया। संगीत मयी कथा स्थल पर क्षेत्र के लोग हजारों की संख्या में उपस्थित थे। जिसके माध्यम से पवन पाण्डेय ने अपनी लोकप्रियता को दर्ज़ कराने में सफलता प्राप्त किया। पंडाल में भारी संख्या में अयोध्या के संत महंत तथ बड़ी संख्या में संत मौजूद रहे।
आध्यात्मिक आयोजन में सूर्य कांत पाण्डेय अजय पाण्डेय, अवनीश पाण्डेय, राजा पाण्डेय , लड्डू लाल यादव,रक्षा राम यादव,शिब्बू पाण्डेय,राजदेव यादव, रवीन्द्र वर्मा, चौधरी जगदीश यादव, देवकीनन्दन पाण्डेय, कथावाचक स्वर्णदीप तिवारी,मंगल शुक्ला, संजीत सिंह, मोनू पाण्डेय, पंकज शुक्ला, विकास पाण्डेय, मंजीत यादव, संजय पाण्डेय, दिलीप दास, सुरेश पाण्डेय आदि हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे।