फैजाबाद। वक्फ बहू बेगम मकबरा कमेटी के तत्वावधान में कदीमी आमारी का जुलूस इमामबाड़ा जवाहर अली खाॅं में सम्पन्न हुआ जिसमें मदीने में वापसी व रिहाई की मन्जरकशी पेश की गयी। आमारी की तकरीर जनाब जीशान आजमी लखनऊ ने की व संचालन हामिद जाफर मीसम ने किया। जुलूस में ऊँट पर बैठकर साहिल रिजवी ने ’मदीने वालों मदीना उजड़ गया सारा’ पढ़ते हुए मन्जरकशी पेश की व चचा-भतीजे की गुफ्तगु कुमैल आब्दी व मंसूब आब्दी ने व ‘मुसाफिराने मुसीबत वतन में आते हैं’ मरसिया सिब्तैन मेंहदी शावर ने पेश किया। आमारी की मजलिस मौलाना हैदर अब्बास ने पढ़ी व पेशखानी रायत कलापुरी, शावर फैजाबादी, अब्बू आब्दी, शामिक आब्दी, साहिल कलापुरी ने की। नौहाखानी अंजुमने आबिदया व अंजुमने हुसैनिया ने की। जुलूस के सफल संचालन में जनाब जावेद आब्दी साहब, जमाल मेंहदी, शाफिक हुसैन, रिजवान हसनैन, रिंकू, जाकिर हुसैन पाशा, सलमान हैदर, कामिल हसनैन, अहमद जमीर सैफी, मोहम्मद जैगम, सुहेल जैदी, वजीर हैदर, हसन इकबाल, नजमी जैदी, जियो हैदर, शकील, शम्सी आदि लोगों का योगदान रहा।
कदीमी जुलूस के दौरान हुई तकरीर
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