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स्पिक मैके के तहत दो दिवसीय सांस्कृतिक संध्या का शुभारम्भ

-अविवि में राजस्थानी लोक नृत्य व मणिपुरी नृत्य पुंग चोलम की हुई मनोहारी प्रस्तुति

अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानन्द प्रेक्षागृह में संस्कृति मंत्रालय एवं स्पिक मैके के संयुक्त तत्वावधान में आजादी के अमृत महोत्सव की 75 वीं वर्षगाठ पर दो दिवसीय श्रुति अमृत के अंर्तगत सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया।

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शनिवार को सांस्कृतिक संध्या के प्रथम दिन अवध विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो0 प्रतिभा गोयल, श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र सदस्य के विमलेंद्र मोहन मिश्र, स्पिक मैके की अध्यक्ष रश्मि मालिक, राज्यस्तरीय सलाहकर मंजुला झुनझुनवाला, कुलसचिव उमानाथ द्वारा मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।

इस सांस्कृतिक संध्या में भ्रुंगार खान समूह द्वारा राजस्थानी लोकनृत्य लंघा मंगनियर की मनोहारी प्रस्तुति ने श्रोताओं का मनमोह लिया एवं श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं दूसरी ओर रोमेंद्रो सिंह समूह द्वारा मणिपुरी नृत्य पुंग चोलम की मनमोहक प्रस्तुति ने प्रेक्षागृह में श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। कार्यक्रम कलाकारों का स्वागत पौध भेंटकर किया गया। कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय की छात्रा नेहा मिश्रा व छात्र पारितोष पांडेय द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में स्पिक मैके की राज्य स्तरीय सलाहकार मंजुला झुनझुनवाला, प्रो0 नीलम पाठक, अनुराग वैश्य, वीके जोशी, स्पिक मैके अयोध्या बबीता, आशीष कुमार, अलीना का विशेष सहयोग रहा।

इस सांस्कृतिक संघ्या में पंजाब भाषा विभाग के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर प्रेम भूषण गोयल,   प्रो0 एस एस मिश्र, डॉ0 प्रदीप खरे, प्रो0 शैलेन्द्र वर्मा,प्रो0 संजय पाठक, डॉ0 अशोक कुमार सिंह, डॉ0 हेमलता शुक्ला, प्रदीप नारायण, डॉ0 विजयेन्दु चतुर्वेदी, डॉ0 शशि सिंह, रंजना सिंह, डॉ0 प्रतिभा,इंजीनियर शाम्भवी एम शुक्ला, डॉ0 महेंद्र पाल सिंह, इंजीनियर पारितोष त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं प्रबुद्धजन मौजूद रहे। र्यक्रम में जिलाधिकारी नीतीश कुमार  व उनकी पत्नी भी उपस्थित रहीं।  उपस्थित स्पिक मैके की राज्य स्तरीय सलाहकार मंजुला झुनझुनवाला ने बताया कि 07 मई को सायं 6 बजे सांस्कृतिक संध्या में वायलिन वादन व गायन की प्रस्तुति कलाकारों द्वारा की जायेगी। का

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इसमें मंजूनाथ मैसूर के साथ एम सुमन्थ, बीएस प्रशांथ, जी गुरू प्रसन्ना द्वारा वायलिन वादन प्रस्तुत किया जायेगा। उल्लास कैसलर के साथ सुरेश तलवारकार, मिलिंद वासुदेव कुलकर्णी, ओजेश प्रताप सिंह द्वारा गायन प्रस्तुत किया जायेगा।

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