– दोनों शिक्षक भाइयों को उनके समस्त देयक एवं वेतन का भुगतान भी 3 माह के अंदर किए जाने के दिए आदेश
मिल्कीपुर। जनपद के शिक्षा क्षेत्र अमानीगंज अंतर्गत दो शिक्षक भाइयों को लगभग नौ वर्ष पहले बेसिक शिक्षा विभाग ने सेवा से मुक्त कर दिया था। लंबे कानूनी संघर्ष के बाद इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने उनकी सेवा बहाली का आदेश देकर दोनों भाइयों को राहत प्रदान की है।
अमानीगंज शिक्षा क्षेत्र स्थित चौधरीपुर ग्राम निवासी रामकृष्ण द्विवेदी और श्रीकृष्ण द्विवेदी दोनों भाई बेसिक शिक्षा विभाग में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत थे। रामकृष्ण द्विवेदी पूरे तोर बरौली जूनियर हाई स्कूल में प्रधानाध्यापक थे, जबकि श्रीकृष्ण द्विवेदी जूनियर हाई स्कूल मंझनपुर में प्रधानाध्यापक पद पर सेवारत थे। अक्टूबर 2017 में बेसिक शिक्षा विभाग ने दोनों को अनुकंपा नियुक्ति के आधार पर नियुक्त मानते हुए सेवा से हटा दिया था। सेवा समाप्ति के बाद दोनों भाइयों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ लखनऊ में याचिका दायर की।
लगभग नौ वर्ष की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने दोनों अध्यापकों के पक्ष में फैसला सुनाया और उनकी सेवा बहाली का आदेश दिया। यह मामला अनुकंपा आधार पर की गई नियुक्तियों से जुड़े विवादों की श्रेणी में आता है। दोनों भाइयों ने न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती से रखा और अंततः हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में अहम निर्णय सुनाया।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि दोनों को पूर्व की तिथि से उनका बकाया वेतन और यदि सेवानिवृत हो चुके हैं तो उन्हें उनके समस्त देयक का भुगतान भी तीन माह के अंदर किया जाए। इस आदेश से दोनों शिक्षकों को नौ वर्ष बाद फिर से सेवा में लौटने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। शिक्षा क्षेत्र अमानीगंज और आसपास के क्षेत्रों में न्यायालय इस महत्वपूर्ण फैसले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। दोनों भाई लंबे समय से न्यायालय में अपना मामला लड़ रहे थे। हाईकोर्ट के इस आदेश को उनके लिए बड़ी राहत माना जा रहा है तथा उनके परिवार में खुशी का माहौल है।