-तीन दिन से नदी में एसडीआरएफ टीम किशोर की तलाश में जुटी है लेकिन कोई सुराग नहीं मिला
सोहावल। ढेमवा घाट पर बीते शनिवार को परिजनों के साथ ग्राम सभा गौरा ब्रह्ननान के मजरे तरसावन का पुरवा निवासी दिव्यांश गुप्ता पुत्र ओंकार गुप्ता व शिवांश प्रजापति पुत्र अर्जुन प्रजापति दो नाबालिग किशोर डूब गए थे। घटना के दो घंटे बाद स्थानीय गोताखोरो ने दिव्यांश के शव को बरामद कर लिया था। जबकि दूसरे किशोर शिवांश प्रजापति को किसी भी अवस्था में पुलिस 72 घंटे बाद भी बरामद नहीं कर सकी है। तीन दिन से नदी में एसडीआरएफ टीम किशोर की तलाश में जुटी है। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला है। जबकि शिवांश के माता – पिता भूखे प्यासे प्रतिदिन सुबह होते ही ढेमवा घाट पर पहुंचकर बेटे के शव मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
शिवांश की मां रेनू रोते हुए कहती है कि तीन दिनों से बेटा लापता है। वह मान चुकी है कि अब उनका बेटा जीवित नहीं है। लेकिन रेनू प्रजापित कहती है कि एक बार बेटे का शव ही देखने को मिल जाए। आखरी बार अपने बेटे को देख लूं। उम्मीद है कि अब वह दुनिया में नहीं है। लेकिन अंतिम दर्शन ही भगवान करा दे। बड़ी मिन्नतें भगवान से घाट पर कर रही हूं। माता-पिता मजदूरी से घर का खर्च चलाते हैं। उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो चुका है। साथ ही बेटे के खोने के गम ने दुःखों का पहाड़ परिवार पर लाकर फोड़ दिया है।
अब तक तसल्ली और संवेदना प्रकट करने वाले भी अब घाट से गायब हो चुके हैं । शिवांश के पिता अर्जुन कहते हैं कि किसी बड़े आदमी के घर की बात होती तो अब तक गोताखोर और एनडीआरएफ टीम आ जाती। तहसीनपुर की तरह चौबीस घंटे के अंदर शव बरामद हो जाता। लेकिन यहां सुबह खोजी टीम आती है और गुप्तार घाट की तरफ चली जाती है।
दोपहर बाद तक इंतजार करने के बाद शाम को यही जवाब मिलता है कि कल फिर तलाश होगी। अब तो पुलिस भी हाल चाल लेने नहीं आती है। बेबसी और लाचारी का दंश झेल रहे पीड़ित परिवार के प्रति स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद सांसद से लेकर विधायक तक आये और दिलासा देकर चले गए। अब भरोसा और उमीद भी टूट रही है।
रौनाही थाना प्रभारी रतन शर्मा ने बताया कि तीन दिन से शिवांश की तलाश में हर संभव प्रयास जारी हैं। एसडीआरएफ टीम लगाने के बाद भी अभी तक कोई सफलता नहीं मिल सकी है।