भाजपा नेताओं की आपसी जंग के आरोपों से घिरी फैजाबाद पुलिस

  • रूदौली ब्लाक प्रमुख व मिल्कीपुर विधायक आमने-सामने

  • दोनो भाजपा नेता एक दूसरे पर पुलिसिया उत्पीड़न कराने का लगा रहे आरोप

(राकेश कुमार यादव)

मिल्कीपुर विधायक के रिश्तेदार की पिटाई के वायरल वीडियाे की तस्वीर

फैजाबाद। भाजपा के अन्दर भी सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है अन्दर ही अन्दर चल रहा एक दूसरे का विरोध अब खुलकर बाहर आ गया है। एक ओर भाजपा के मिल्कीपुर विधायक बाबा गोरखनाथ के पिता हरिश्चन्द्र पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं कि वह अनुसूचित जाति के हैं इसिलए सरकार में कही उनकी सुनवाई नहीं हो रही है विधायक होते हुए भी उनके रिश्तेदार के ऊपर किये गये हमले में 10 दिन बीत गया लेकिन किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उनका कहना है कि अगर यही मामला किसी सवर्ण जाति का होता तो पुलिस कबका कार्यवाही कर चुकी होती लेकिन मामला अनुसूचित जाति का है इसलिए पुलिस कार्यवाही नहीं कर रही है। भाजपा विधायक के पिता का उक्त आरोप पुलिस पर लगते ही पुलिस सक्रिय हो गयी और मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी शुरू हो गयी परन्तु तबतक दूसरी तरफ से भी पुलिस के ऊपर आरोपों की बौछार हो गयी गयी।

रूदौली ब्लाक प्रमुख के आवास पर छापेमारी करने पहुंची पुलिस

रूदौली की ब्लाक प्रमुख भाजपा नेता शिल्पी सिंह ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसने सारी हदें पार करते हुए उच्च न्यायालय के आदेश को भी दरकिनार कर के उनके के घर का ताला तोड़ने के साथ ही गिरफ्तारी पर स्थगन आदेश आने के बावजूद पुलिसिया तांडव दिखायाा। रुदौली की बीजेपी ब्लाक प्रमुख शिल्पी सिंह ने मिल्कीपुर विधायक गोरखनाथ बाबा पर अपने रिश्तेदार करन रावत द्वारा दर्ज कराई गई प्रार्थमिकी की आड़ में राजनैतिक द्वेष के चलते परेशान कराए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जिस घटना की आड़ में विधायक द्वारा उनके परिजनों का पुलिसिया उत्पीड़न कराया जा रहा है उसमें इनके परिवार का कोई भी सदस्य नामजद नही है। इसकेेे बाद भी प्रमुख के घर पर जाकर ताला तोड़ा और वहां पर लगे सीसीटीवी कैमरे को भी तोड़ दीया इससे गंभीर धाराओं के मुकदमे थानों में दर्ज है उन अपराधियों पर कुुछ नहीं कर रही है और इस झूठे प्रकरण में नाजायज उत्पीड़न करनेेे पर तुली है। वही दूसरी ओर उक्त घटना में नामजद अभियुक्त विकास सिंह निवासी जनौरा जो कि मामले में नामजद है उनकी गिरफ्तारी के विरुद्ध माननीय हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने 8 अगस्त को स्थगन आदेश पारित किया है। बावजूद इसके स्थानीय पुलिस ने विधायक के दवाब में आकर उनके घर पर भारी पुलिस बल के साथ छापेमारी कर माननीय हाई कोर्ट के आदेश की अवमानना कर संविधान की खिल्ली उड़ाने का काम किया है। उक्त आरोप लगाते हुए आरोपी विकास की माँ व पत्नी ने संयुक्त रूप से पत्रकारों को बताया कि पुलिस ने हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी हमारे घर पर छापेमारी करके कोर्ट के आदेश का मजाक उड़ाया गया है ।

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पत्रकारों से वार्ता के दौरान पुलिस प्रशासन पर आरोप लगातीं रूदौली ब्लाक प्रमुख शिल्पी सिंह

आरोपी विकास की माँ का कहना है कि विधायक के दवाब में आकर पुलिस उनके बेटे को फर्जी मुठभेड़ दिखाकर एनकाउंटर कर सकती है। और कहा कि विधायक गोरखनाथ के अराजक तत्वों अपराधियों से गहरे संबंध है वह कई बार जेल भी जा चुके हैं ऐसी स्थिति में वह कभी भी हमला करवा सकते हैं और पुलिस उनकी जेबी नौकर बन गई है अन्यथा इसे गंभीर गंभीर धाराओं में अनेकों मुकदमे दर्ज हैं और किसी के यहां तो पुलिस ने इस तरह का तांडव नहीं किया । पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि विधायक के रसूख की आड़ में पुलिस हमारे मुआकिल्ल का उत्पीड़न कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस विधायक के इतना ज्यादा प्रभाव में है कि उसने गिरफ्तारी के खिलाफ माननीय कोर्ट के आदेश को भी लेने से इनकार कर दिया है।

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