अयोध्या। श्री अवध महोत्सव में शाम-ए-गजल का आयोजन हुआ। महोत्सव के अध्यक्ष सचिव ठाकुर और संयोजक शैलेन्द्र मासूम गीतकार ने संयुक्त रूप से बताया कि सामने गजल में लखनऊ के सुप्रसिद्ध गजल गायक चन्द्रेश एवं मिर्जा ने एक से बढ़कर एक गजल सुनाये। चन्द्रेश के यूँ झरोखों से छुप-छुप न देखा करो.. तीर नजरो का एक रोज चल जायेगा, छाप, तिलक सब.. रे मोसे नैना मिला के .. आदि तमाम नगमें पेश किये। वहीं निर्जा ने भी बेगम अख्तर की आवाज को ताजा किया। हमरी अटरिया पे.. आदि गजलों से मंत्रमुग्ध कर दिया और लोगों को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया। वहीं तबले पर तो योगेश जी ने अपना एक अलग ही प्रदर्शन किया तालियों के कलाकारों का उत्साहवर्धन होता रहा। कार्यक्रम संयोजन शैलेन्द्र मासूम ने बताया कि इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला वित्त एवं लेखाधिकारी ए0के0 सिंह, चन्द्र भूषण पाण्डेय उपबेसिक शिक्षा अधिकारी, शिक्षक नेता बृजेश मिश्रा, अनुपम पाण्डेय, अखिल भारतीय चाणक्य परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृपा निधान तिवारी, दुर्गा तिवारी आदि ने माँ शारदे की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और दीप प्रज्जवलन कर कलाकारों का माल्यार्पण कर शुरूआत कराया।
श्री अवध महोत्सव में आयोजित हुआ शाम-ए-गजल
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