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-पूर्व मंत्री तेज नारायण पाण्डेय पवन द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा मे शामिल हुए सपा प्रमुख, रामलला दर्शन पर बोले-तारीख निकलवाइए, सभी लोग मिलकर करेंगे

अयोध्या। श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने अयोध्या पहुंचे सपा प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा पर जमकर निशाना साधा। पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के पैतृक गांव कृष्णापुर खानपुर रसूलाबाद में आयोजित कथा में उन्होंने कहा कि सपा के प्रत्याशी घोषित होने के बाद भाजपा लगातार सर्वे करा रही है और हर सर्वे में पीछे छूट रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को अयोध्या में प्रत्याशी तक नहीं मिल रहा है। बड़े-बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री यदि इतने आश्वस्त हैं तो खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं। अखिलेश ने कहा कि इस बार अयोध्या ही नहीं, पूरे देश की जनता धर्म और धन चुराने वालों को बख्शेगी नहीं। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि 15 दिन में दूध का दूध और पानी का पानी करने का दावा करने वालों के लिए अयोध्या का मैदान खाली पड़ा है।

अखिलेश यादव ने कहा कि सपा सरकार बनने पर अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकास की गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर जिन अयोध्यावासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है, उनके साथ भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा। जिन लोगों को जमीन की उचित कीमत नहीं मिली है, उनके हितों का ध्यान रखा जाएगा और किसी का घर नहीं उजाड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या के विकास का पूरा लाभ अयोध्या के लोगों को मिलना चाहिए, बाहर से आने वालों को नहीं। उन्होंने माताओं-बहनों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सपा सरकार बनने पर समाजवादी पेंशन की तर्ज पर हर साल 40 हजार रुपये देने की व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि नौ साल में जनता को क्या मिला, इसका हिसाब भी अयोध्या की जनता लेगी। अखिलेश ने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज और शासन व्यवस्था को भी दिशा देने वाली है। सत्ता में बैठे लोगों और अधिकारियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुदर्शन चक्र सज्जनों की रक्षा के लिए है, उन्हें डराने के लिए नहीं। शक्ति का इस्तेमाल सदुपयोग के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भागवत कथा अधिकार से अधिक अपनत्व, दया और समानता का संदेश देती है। आज समाज में जाति, भेदभाव, ऊंच-नीच और वैमनस्य के बंधन दिखाई दे रहे हैं। ऐसे समय में भागवत कथा की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है।

उन्होंने कहा कि जब तक हर व्यक्ति को बराबरी का सम्मान और प्रेम नहीं मिलेगा, तब तक प्रेमराज केवल जुमला बनकर रह जाएगा। अखिलेश यादव के राममंदिर नहीं जाने को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले संकल्प लिया था कि इटावा में बन रहे केदारेश्वर धाम का निर्माण पूरा होने के बाद ही रामलला के दर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि संकल्प बार-बार नहीं लिया जाता। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के लोगों और पवन पांडेय से एक तारीख निकलवाने को कहेंगे और सभी लोग मिलकर रामलला के दर्शन करने जाएंगे।

पूर्व मंत्री पवन पांडेय की ओर से कृष्णापुर खानपुर रसूलाबाद में 2 से 8 अक्टूबर तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। अंतिम दिन अखिलेश यादव कथा में शामिल हुए। आयोजन स्थल पर करीब पांच हजार श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की गई थी। अयोध्या विधानसभा के अलावा बीकापुर और गोसाईगंज क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा में संत-महंतों के साथ भाजपा, सपा और बसपा से जुड़े नेता भी शामिल हुए। इस दौरान पवन पांडेय ने अखिलेश यादव को त्रिशूल भेंट किया और ‘सीताराम’ लिखा गमछा पहनाकर स्वागत किया। सपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें गदा भी भेंट की। 9 अक्टूबर को विशाल भंडारे का आयोजन होगा।
श्रीमद्भागवत कथा में व्यास पीठ से डाक्टर राघवाचार्य ने सुदामा चरित एवं चौबीस गुरुओं की कथा तथा परिक्षित मोक्ष का प्रसंग सुनाया

अयोध्या। कृष्णा पुर पूराबाजार में पूर्व मंत्री तेज नारायण पाण्डेय पवन द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में व्यास पीठ से श्री डाक्टर राघवाचार्य जी महाराज ने सुदामा चरित एवं चौबीस गुरुओं की कथा तथा परिक्षित मोक्ष का प्रसंग सुनाया। श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। कथा व्यास ने सुदामा जी जितेंद्रीय और भगवान श्रीकृष्ण के मित्र थे।वे भिक्षाटन से परिवार का पालन पोषण करतें थे।
गरीबी के वावजूद भी हमेशा भगवान श्रीकृष्ण में ध्यान मग्न रहते। सुदामा जी की पत्नी सुशीला उनसे बार बार आग्रह करती कि आपके मित्र द्वारिकाधीश है उनसे जाकर मिलों, शायद वह हमारी मदद कर दे, सुदामा पत्नी के कहने पर द्वारिका पहुंचते हैं।जब द्वार पाल श्री कृष्ण से बताते को बताते हैं कि सुदामा नाम का ब्राह्मण आया है। श्री कृष्ण यह बात सुनकर नंगे पैर दौड़ कर आते हैं और अपने मित्र को गले से लगाते है।उनकी दीन दशा देखकर श्री कृष्ण जी के आंखों से अश्रु धारा निकलने लगती है।
व्यास पीठ से राघवाचार्य जी महाराज ने कहा सुदामा जी को भगवान श्रीकृष्ण राजमहल के अंदर ले जाकर सिंहासन पर बैठा कर श्री कृष्ण जी सुदामा के पैर धोते हैं। सभी पटरानियां सुदामा जी से आशीर्वाद लेती है। सुदामा जी विदा लेकर अपने स्थान लौटते हैं।जो भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से अपने घर को महल बना पाते हैं। लेकिन सुदामा जी अपनी फूस की बनी कुटिया में रहकर भगवान का सुमिरन करते हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए जब जब भक्तों पर विपदा आई है भगवान उनका तारण करने जरुर आते हैं।
अगले प्रसंग में श्री व्यास राघवाचार्य जी महाराज जी ने शुकदेव जी द्वारा राजा परीक्षित को सात दिन तक श्रीमद्भागवत कथा सुनाई। जिससे उनके मन से मृत्यु का भय निकल गया। तक्षक नाग आता है और राजा परीक्षित को डस लेता है।राजा परीक्षित कथा श्रवण करने के कारण भगवान के परम धाम पहुंचते हैं। कथा सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। कथा प्रारम्भ होने पर मुख्य यजमान राज भूषण पाण्डेय तथा पूर्व मंत्री तेज नारायण पाण्डेय पवन ने सपरिवार पूज्य गुरुदेव का पूजन अर्चन किया।
श्रीमद्भागवत कथा में सांसद अवधेश प्रसाद, सांसद लालजी वर्मा, जयशंकर पाण्डेय, सूर्य कांत पाण्डेय, लीला वती कुशवाहा, हीरा लाल यादव,सूरज सिंह गोण्डा, चंद्र भद्र सिंह, सुभाष राय, जयहिंद यादव राना,रूश्दी मियां, आनन्द सेन यादव, फिरोज खान गब्बर, रोली यादव,लौटन राम निषाद, स्वामी नाथ वर्मा, प्रमुख अंकुर सेन,राम अचल यादव, लड्डू लाल यादव, अंगद यादव, चौधरी बलराम यादव, लक्ष्मण यादव, अनिल यादव,वसी हैदर गुड्डू, बाबू राम गोड, गंगा राम कनौजिया,औरौनी पासवान, शिवकुमार यादव सहित हजारों लोग शामिल थे