-निषाद समुदाय के सैकाड़ों लोगों ने जिलाधिकारी ने मिलकर उठाई मांग, जमथरा माझा के करीब 250 परिवारों पर बेघर होने का मंडरा रहा संकट
अयोध्या। अयोध्या मे लगभग 9 किलोमीटर लंबे लक्ष्मण पथ परियोजना की जद में आए निषाद समुदाय के सैकड़ों लोगों ने आज अयोध्या जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी से मिलकर पुनर्वास की मांग उठाई। गुप्तारघाट से राजघाट तक बन रहे इस मार्ग के चलते जमथरा माझा के करीब 250 परिवारों पर बेघर होने का संकट मंडरा रहा है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि उन्हें हटाने से पहले रहने के लिए जमीन और मकान उपलब्ध कराया जाए,अयोध्या में विकास परियोजनाओं की रफ्तार तेज है, लेकिन इसी के साथ अब विस्थापन का दर्द भी सामने आने लगा है।
गुप्तारघाट से राजघाट तक बन रहे लगभग 9 किलोमीटर लंबे लक्ष्मण पथ की जद में सरयू किनारे बसे जमथरा माझा के करीब 250 निषाद परिवार आ गए हैं।इन परिवारों का कहना है कि वे पिछले 60 से 70 वर्षों से यहां रह रहे हैं, लेकिन अब निर्माण कार्य के चलते उन्हें हटाया जा रहा है। निषाद समाज अध्यक्ष संतोष निषाद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी से मुलाकात कर अपनी पीड़ा सुनाई। पीड़ितों का आरोप है कि अब तक ना तो उन्हें वैकल्पिक जमीन दी गई है और ना ही रहने के लिए मकान। परिवारों की मांग है कि पहले उनका पुनर्वास किया जाए, उसके बाद ही उन्हें हटाया जाए।
इस मुद्दे को लेकर निषाद परिवार पहले भी प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि विकास की इस राह में क्या इन परिवारों को न्याय और पुनर्वास मिल पाएगा, या फिर उनका आशियाना यूं ही उजड़ जाएगा। जिलाधिकारी कार्यालय में निषाद समाज के संतोष निषाद, श्याम लाल निषाद, अमरजीत निषाद,मिलन निषाद, कुश निषाद,आकाश निषाद,हेमंत निषाद रोहित प्रधान, धर्मेंद्र निषाद,लाली निषाद, बाबूराम निषाद, वीरेंद्र निषाद आदि लोग मौजूद रहे।