-क्षेत्रीय लेखपाल निलंबित, अतिक्रमणकर्ताओं के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में जिला प्रशासन द्वारा सरकारी (नजूल) भूमि पर अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए रविवार को एक बड़ी कार्रवाई की गई। ग्राम मांझा जमथरा, परगना हवेली अवध, तहसील सदर स्थित गाटा संख्या-339, क्षेत्रफल 6-12-5, जो अभिलेखों में नजूल सरकार के नाम दर्ज है तथा जिसका प्रबंधन जिलाधिकारी के अधीन है, पर हो रहे अवैध निर्माण को प्रशासन द्वारा हटवा दिया गया।
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के निर्देश पर राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया। जांच के दौरान पाया गया कि उक्त राजकीय भूमि पर कुल 22 व्यक्तियों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर नव निर्माण कार्य कराया जा रहा था। प्रशासन द्वारा तत्काल प्रभाव से सभी अवैध निर्माण को ध्वस्त कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
उक्त राजकीय सम्पत्ति पर कुल 22 व्यक्तियों 1- रीना पत्नी सोनू निवासी बरवारी टोला, 2- प्रीति पत्नी मोनू निवासी बरवारी टोला, 3- दीपक पाण्डेय पुत्र रामजी निवासी टेढ़ीबाजार, 4- अर्जुन सिंह व राहुल सिंह पुत्रगण मानसिंह निवासी बरवारी टोला, 5- रूबी पत्नी रंजीत निवासी बरवारी टोला, 6- चन्दन पाण्डेय पुत्र माता प्रसाद निवासी खटिक मन्दिर, 7- घनश्याम पाण्डेय पुत्र जोखू प्रसाद निवासी खटिक मन्दिर, 8- प्रीति पत्नी रामानन्द निवासी पठान टोलिया, 9- संतोष कुमारी पत्नी पवन कुमार पाण्डेय निवासी कजियाना, 10- रिंका यादव पत्नी मुकेश यादव निवासी चकतीर्थ, 11- शिल्पी पत्नी अरूण कुमार निवासी बरवारी टोला, 12- करिश्मा पत्नी संजय निवासी बरवारी टोला, 13- शिवम पाण्डेय पुत्र मंहगू पाण्डेय निवासी चकतीर्थ, 14- चन्दन पाण्डेय पुत्र अज्ञात निवासी रूदौली, 15- निर्मल पाण्डेय पुत्र राम चरित्र पाण्डेय निवासी चकतीर्थ, 16- राजेश यादव पुत्र गंगाराम निवासी पठान टोलिया, 17- पप्पू भारती पुत्र अज्ञात निवासी अशर्फी भवन, 18- सुदर्शन पुत्र अज्ञात निवासी बरवारी टोला, 19- अनवरी पुत्री लाल मोहम्मद निवासी बेनीगंज, 20- सजय यादव पुत्र मदन यादव निवासी चकतीर्थ, 21- करन पुत्र मनोज निवासी बरवारी टोला, 22- किरन देवी पत्नी विकास निवासी जलवान पुरा के व्यक्तियों द्वारा अवैध रूप से नव निर्माण कराया जा रहा था। इस प्रकरण में लापरवाही बरतने के आरोप में संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।
अतिक्रमण में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है। मौके पर प्राप्त बयानों के आधार पर मुख्य आरोपी ताज मोहम्मद पुत्र लाल मोहम्मद के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करा दी गईं है।
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा या निर्माण न करें। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस प्रकार के अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलाकर सख्ती से कार्रवाई की जाती रहेगी, जिससे सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।