बाबरी मस्जिद शहादत की 26वीं बरसी पर मनाया यौमे गम

वादा निभाओ, बाबरी मस्जिद बनाओ धरना दे सौंपा ज्ञापन

अयोध्या। बाबरी मस्जिद शहादत की 26वीं बरसी को मुस्लिम समुदाय ने यौमे गम के रूप में मनाया। कई स्थानों पर धरना और सभा का आयोजन किया गया। इण्डियन यूनियन मुस्लिम लीग ने सिविल लाइन स्थित गांधी पार्क में वाद निभाओ, बाबरी मस्जिद बनाओ की मांग के साथ धरना दिया। जिसकी अध्यक्षता मुस्लिम लीग के प्रांतीय अध्यक्ष नजमुल हसन गनी व संचालन इसरार अहमद व मुजम्मिल फिदा ने किया। धरना स्थल पर हुई सभा में राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी प्रतिनिधि को सौंपा गया। धरना को सम्बोधित करते हुए डा. गनी ने कहा कि नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि सबका साथ, सबका विकास सबको इंसाफ मिलेगा इसी इंसाफ के तहत 25 करोड मुसलमानों की भावना को समझते हुए ध्वस्त की गयी बाबरी मस्जिद को बनवाकर मुसलमानों को सौंपे। धरना को मौलाना फजरूद्दीन, मुफ्ती, मोईनुद्दीन, शमशुल कमर, उज्जतुल इस्लाम, मौलाना वसी हसन खां, मौलाना जमील अशर्फी, मौलाना मो. जमीर आदि ने सम्बोधित किया।
वहीं अयोध्या में टेढ़ी बाजार चौराहे पर स्थित बाबरी मस्जिद मामले के पैरोकार हाजी महबूब के आवास पर आयोजित हुई सभा के दौरान जुटे बाबरी मस्जिद मामले के पक्षकारों और बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक सुर में 6 दिसंबर सन 1992 को अयोध्या में हुई घटना पर शोक जताते हुए कहा कि देश का अमन पसंद मुसलमान अपने साथ हुई थी बड़ी नाइंसाफी के बावजूद आज तक सिर्फ इसलिए चुप है कि उसे देश के कानून पर भरोसा है। सभा में बोलते हुए बाबरी मस्जिद मामले के पैरोकार हाजी महबूब ने कहा कि जिस तरह से अयोध्या में हिंदू संगठन के कार्यक्रम हो रहे हैं उससे देश का अमन चैन खराब हो रहा है। केंद्र सरकार को और प्रदेश सरकार को इस तरह के आयोजनों पर रोक लगानी चाहिए। अयोध्या के मुसलमानों को और देश भर के मुसलमानों को कोर्ट के फैसले का इंतजार है। हमें भरोसा है कि हमें इंसाफ मिलेगा और निष्पक्ष इंसाफ मिलेगा अभी तक बाबरी मस्जिद को शहीद करने वालों को सजा नहीं मिली। इस बात का हमें तहे दिल से अफसोस है। लेकिन हमें उम्मीद है कि जिस दिन वा पूरी जमीन हमें सौंप दी जाएगी हम मान लेंगे कि हमें इंसाफ मिल गया है। हमें डर है कि कुछ राजनीतिक पार्टियां न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रही है।यह गलत है कोर्ट को इस मामले पर अपना निर्णय सुनाना चाहिए और न्यायालय पर इस मामले को लेकर कोई दबाव नहीं दिया जाना चाहिए।

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