अयोध्या की पंचकोसी परिक्रमा में उमड़े श्रद्धालु

प्रशासन ने की सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था

अयोध्या। कार्तिक मास की प्रसिद्ध पांच कोसी परिक्रमा पथ पर रविवार की सुबह 10.26 बजे से श्रद्धालुओं का तांता लग गया। श्रद्धालुओं ने पक्रिमा पथ की धूल मस्तक पर लगा परिक्रमा आरम्भ किया। परिक्रमा का समापन सोमवार की सुबह 11.26 बजे होगी। पंचकोसी परिक्रमा दो दिन पड़ने के कारण उदया तिथि न होने पर पहले दिन परिक्रमार्थियों की संख्या प्रयाप्त नहीं रही। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले भक्तों ने मुहूर्त समय से परिक्रमा का आरम्भ किया। शहरी क्षेत्र के परिक्रमार्थी सोमवार की भोर से परिक्रमा आरम्भ करेंगे। जनपद के प्रतिष्ठित समाजसेवी विनोद कुमार सिंह ने भी दर्जनों साथियो के साथ पंच कोसी परिक्रमा की उनके साथ धर्मेंद्र सिंह ,जग प्रसाद रावत अनिल मिश्रा ,जितेंद्र यादव ,तेज बहादुर सिंह ,नान्ह महाराज,सुशील पाण्डेय, सीता राम यादव ,ओम प्रकाश गुप्ता ,महेश रावत ,राम प्रकाश यादव, भवानी भीख प्रधान ,संजय सैनी आदि शामिल थे।
परिक्रमा को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस बल ने विशेष प्रबंध किये हैं। परिक्रमा क्षेत्र में बाहर से आने वाले वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है जो सोमवार की दोपर बाद ही खोला जायेगा। पंचकोसी परिक्रमा पथ पर स्वयंसेवी संस्थाओं और सरकारी विभागों ने खास तौर पर स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा व सेवा शिविरों का आयोजन किया। डिठवन होने के कारण परिक्रमा पूरी करके लौट रहे श्रद्धालुओं ने गन्ना क्रय किया। गन्ना के पल्लव का उपयोग मंगलवार को सुबह सूप पीटकर ईश्वर आओ दलिद्दर जाओ की परम्परा का निर्वाह घर-घर महिलाओं द्वारा किया जायेगा। महिलाओं द्वारा पीटे गये सूप को चौराहों पर फेंककर उसमे आग लगा दी जायेगी। मान्यता यह है कि इस परम्परा के निर्वाह से धन की देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और उनका घर में वास होता है।

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