वाई-फाई सुविधा से लैस होगा अवध विवि : प्रो. मनोज दीक्षित

कुलपति के एक वर्ष कार्यकाल में बढ़ी विवि की प्रतिष्ठा

फैजाबाद। डा. राम मनोहर लोहिया अवध विवि के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित के कार्यकाल का एक वर्ष 27 मई को पुरा होगा। कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने कार्यकाल की उपलब्धियों के सम्बन्ध में प्रेस वार्ता आयोजित कर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही विश्वविद्यालय परिसर में वाईफाई की सुविधा उपलब्ध हो जायेगी इसके अतिरिक्त जो कार्य अभी पूरे नहीं हुए है उन्हें शीघ्र ही पूरा कराया जायेगा।
उन्होंने बताया कि हास्टल इम्प्रूब नहीं हो पाया है जो दो तीन माह के भीतर पूरा कर लिया जायेगा। इंजीनियरिंग कालेज को वल्र्ड क्लास बनाने का कार्य चल रहा है उसे भी शीघ्र ही पूरा करा लिया जायेगा। राष्ट्रीय स्तर की प्रयोगशाला बनाने का कार्य चल रहा है। 15 सितम्बर को दीक्षान्त समारोह की तैयारी निर्धारित की गयी है।
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा सत्र 2017-18 से परिसर में 11 नये रोजगार-परक पाठ्यक्रम प्ररम्भ किए गए जिसने बैचलर इन फाइन आर्टस, बी0वोक0 इन ट्रेवल एण्ड टूरिज्म, बी0वोक0 इन माॅस कम्यूनिकेशन एण्ड जर्नलिज्म, मास्टर आॅफ पब्लिक हेल्थ, पी0जी0 डिप्लोमा इन योगाथिरेपी, बी0टेक0-सिविल इंजीनियरिंग, बी0टेक0-इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, एम0टेक0-कम्प्यूटर साइंस एण्ड इंजीनियरिंग, एम0टेक0-इंफारमेशन टेक्नोलाॅजी, एम0टेक0-मैकेनिकल इंजीनियरिंग, एम0टेक0-इलेक्ट्रानिक्स एण्ड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग विषयों को प्रारम्भ किया गया है।
इसी क्रम में विश्वविद्यालय द्वारा सत्र 2018-19 से परिसर में मास्टर इन हाॅस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन, पी0 जी0 डिप्लोमा इन हेरिटेज मैनेजमेंट, बी0वोक0 इन टूरिज्म एंड हाॅस्पिटलिटी, बी0वोक0 इन फैशन डिजाइन एंड गारमेंट टेक्नोलाॅजी, एल0एल0एम0, तथा एम0फिल0 इन सोशल वर्क के नवीन पाठ्यक्रम प्रारम्भ किये जा रहे है। इनसे सम्बन्धित विज्ञापन वि0वि0 की वेबसाइट पर उपलब्ध भी कराए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि परिसर में सिन्धी भाषा के अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सिन्धी भाषा विकास परिषद से एक करोड़ अनुदान राशि प्राप्त हुई है। विश्वविद्यालय के संत कबीर सभागार में 29 मार्च, 2018 को ‘अमर शहीद संत कॅवरराम साहिब सिंधी अध्ययन केन्द्र‘ की स्थापना हेतु मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उपक्रम ‘राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद, नई दिल्ली‘ एवं विश्वविद्यालय के मध्य अनुबंध-पत्र पर हस्ताक्षर किया गया है। इस अध्ययन केन्द्र को पुस्तकालय में स्थापित किया चुका है तथा पुस्तकालय अध्यक्ष डाॅ0 आर0के0 सिंह को इसका निदेशक नियुक्त किया गया है।
उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून, 2017 के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम के अंर्तगत लगभग 100 पौधों को रोपित किया गया। इसी क्रम में वर्ष 2018 में इस अवसर पर 27 मई से 5 जून, 2018 तक एक विशेष अभियान चलाते हुए परिसर में 21 हजार छायादार/फलदार वृक्ष तथा फूलों के पौधे लगाये जा रहे हंै।
कुलपति ने बताया कि ग्रीन-एनर्जी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय गेस्ट हाऊस तथा प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी संस्थान के भवनों को सोलर पैनल से सुसज्ज्ति किये जाने की दिशा में सार्थक प्रशासनिक कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गई है। परिसर में संचालित विभिन्न विभागों को सम्मिलित रूप से एकीकृत शोध उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने के उद्देश्य से ‘‘सेण्ट्रल इन्स्ट्रूमेण्टेशन फैसेलिटी भवन के निर्माण के लिए रूसा परियोजना के अन्तर्गत प्राप्त अनुदान धनराशि से भवन का निर्माण प्रारम्भ कराया जा चुका है।
18 अक्टूबर, 2017 को अयोध्या में दिव्य-दीपोत्सव आयोजन में गिनीज बुक आॅफ वल्र्ड रिकार्ड में नाम दर्ज कराते हुए राम की पैड़ी अयोध्या के घाट पर 1 लाख 87 हजार 213 तेल युक्त दीपों को विश्वविद्यालय एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों के 2700 स्वयंसेवकों की सहायता से प्रज्ज्वलित किया गया। इस ऐतिहासिक पल का मीडिया द्वारा विश्वभर में सीधा प्रसारण किया गया। महाविद्यालय विकास परिषद द्वारा 13 मई, 2018 को छात्र-छात्राओं को सत्र 2018-19 में प्रवेश पूर्व ‘यूनिक आइडेन्टिटीफिकेशन नम्बर‘ आधारित रजिस्ट्रेशन कराए जाने को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।

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