जननी सुरक्षा में आशाओं का महत्वपूर्ण दायित्व: डा. अनिल कुमार

    आशा दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली 33 आशा बहुओं व 3 आशा संगिनियो को किया गया सम्मानित

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    फैजाबाद। आशा दिवस के अवसर पर साकेत महाविद्यालय में आचार्य नरेन्द्र देव प्रेक्षागृह में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत आयोजित जनपद स्तरीय आशा सम्मेलन में जिलाधिकारी डा0 अनिल कुमार ने कहा कि आशा सम्मेलन का उद्देश्य आशा बहुओं की समस्याओं को सुनकर उसका निदान करने, सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में आशा बहनों को अवगत कराने, प्रेरित करने के साथ-साथ क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वाली आशा संगनियों को सम्मानित करना है। इस अवसर पर जिले के 11 ब्लॉकों में अच्छा प्रदर्शन करने पर 33 आशा बहओं एवं 3 आशा संगिनियों को सम्मानित किया गया।
    इस अवसर पर जिलाधिकारी ने आशा बहनों को रक्षाबन्धन की ढेर सारी शुभकामनाएं देते हुये कहा कि आपकी भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्योकिं आप गांव के हर बच्चें, हर महिला के बारे में अच्छी तरह से जानती है और एक महिला होने के कारण किसी के घर में आ-जा सकती है अपनी बातोें को कह सकती हैं, समक्षा सकती है। उन्होनें एमओआईसी को निर्देश दिये कि आशा बहनो के पारश्रमिक व प्रोत्साहन राशि का समय से भुगतान करें। आशा बहनो का कोई भी देय अवशेष न रखें। उन्होनंे एईएस और जेई टीकाकरण अभियान में डोर-टू-डोर सर्वे कर टीकाकरण के शत-प्रतिशत पूर्ण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए आशा बहनो की सराहना की।
    जिलाधिकारी ने कहा कि आशाओं का दायित्व बहुत ही महत्वपूर्ण है इस समय सरकार की विभिन्न योजनायें चल रही है, चाहे वह जननी सुरक्षा योजना हो, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम हो या प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना हो, निश्चित रूप से इसमें सभी माता-बहनो का आच्छादन हो जाये, उनको सही तरीके से लाभ मिल जाये। हमारा कार्य सरकार की तरफ से जो प्रोत्साहन राशि है उसको पहुंचाने तक ही नही बल्कि जच्चा-बच्चा दोनो की सुरक्षा से है। जन्म के बाद बच्चे का हमारे सुरक्षा घेरे में रहकर विकास हो यह भी महत्वपूर्ण है। उन्होने बताया कि जनपद में बन रहे हैल्थ वेलनेस सेन्टर में संचारी रोगो के उपचार के अलावा कैंसर, डायबिटिज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का भी चेक-अप भी किया जायेगा। उन्होनें कहा कि केन्द्र व सरकार द्वारा खुले में शौच मुक्त का अभियान चलाया जा रहा है, स्वच्छता का तात्पर्य खुले में शौच से मुक्ति ही नही बल्कि बच्चें के खाने से पहले व बाद में हाथ की साफ-सफाई, दांतो की सफाई, घर की साफ-सफाई के साथ-साथ कूड़े को निर्धारित स्थान पर डालना, नाली गलियों की साफ-सफाई एवं ध्रूमपान को छोड़ना भी है।
    जिलाधिकारी ने कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों में कार्य करते हुये मंजिल की तरफ निरंतर अग्रशील रहने से ही व्यक्तित्व की असली पहचान होती है। बताया कि आशाएँ भी विपरीत हालातों का सामना करते हुये सामुदायिक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए प्रयासरत रहती हैं जिसके लिए वह सही मायने में धन्यवाद की हकदार हैं। जिलाधिकारी ने मवई ब्लॉक की आशा राकेश कुमारी द्वारा आशा की जीवन में होने वाली परेशानियों पर आधारित गीत को उद्धृत करते हुये कहा कि आशाओं को होने वाली दिक्कतों के विषय में केंद्र सरकार से लेकर प्रदेश एवं जिला भी अवगत है और उन्हें विशेष सुविधा देने के लिए प्रयासरत भी है।
    सम्मेलन मे 3 अच्छा कार्य करने वाली आशा संगिनियों को जिलाधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र दिया गया। जिसमें प्रथम पुरस्कार मसौधा ब्लॉक के सकुन्तला यादव, द्वितीय पुरस्कार मसौधा ब्लॉक के ही कंचन एवं तृतीय पुरस्कार मिल्किपुर ब्लॉक के किरण यादव को दिया गया। संगिनी को क्रमशः 5000, 3000 एवं 2000 रुपए की धनराशि भी दी जाएगी।
    मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा जिले के 11 ब्लॉकों में अच्छा कार्य करने पर 33 आशाओं को भी प्रशस्ति पत्र दिया गया। मसौधा ब्लॉक की सुधा पांडे, मिल्किपुर ब्लॉक की रीता, रुदौली ब्लॉक की कुसुमवाती, पूराबाजार ब्लॉक की अनीता सिंह,मायाबाजार ब्लॉक की साधना सिंह,अमनीगंज ब्लॉक की पूनम पाण्डेय, सोहावल ब्लॉक की सुनीता देवी, मवई ब्लॉक की शिव देवी, तारुण ब्लॉक की सरिता सिंह, बीकापुर की सुधा गुप्ता एवं हरींटनगंज की कमलेश कुमारी को प्रथम पुरुष्कार दिया गया। आशाओं को को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरुष्कार के रूप में क्रमशः 5000, 2000 एवं 1000 रुपए की धनराशि भी दी जाएगी। इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ॰एके सिंह, डॉ अजय मोहन, सिफ्सा के मंडलीय कार्यक्रम प्रबन्धक डी॰ देवनाथ, जिला कार्यक्रम प्रबन्धक रामप्रकाश पटेल, डॉ एम॰ए खान, आरकेएसके के समन्वयक सतीश वर्मा, अर्बन हैल्थ समन्वयक सरिता वर्मा, अपर जिला स्वास्थ्य शिक्षा सूचना अधिकारी वी॰पी सिंह, शैलेंद्र, देवेंद्र एवं सभी ब्लॉकों के अधीक्षक, बीसीपीएम, बीपीएम एवं स्वास्थ्य सूचना अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डीसपीएम अमीत कुमार, फाइलेरिया नोडल डी॰के सिंह एवं उप जिला स्वास्थ्य एवं सूचना अधिकारी मनवेन्द्र द्वारा किया गया।