हंगामें के बींच सरकारी सस्ते गल्ले की दूकान का हुआ आवंटन

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बीकापुर। ग्राम पंचायत मलेथू कनक के सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर उचित दर विक्रेता चयन भारी हंगामे के बाद पुराने कोटेदार बुद्धिपाल के पुत्र संत कुमार सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान आवंटन हेतु प्रस्ताव पारित कर दिया गया। पूर्व निर्धारित एजेंडा के क्रम में सोमवार को विकास खण्ड बीकापुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत मलेथू कनक के कोटा चयन प्रस्ताव को लेकर खुली बैठक पूर्व माध्यमिक विद्यालय मलेथूकनक में 11ः00 बजे से ग्राम प्रधान कमलेश की अध्यक्षता में प्रारंभ हुई, परंतु 2ः00 बजे तक बैठक करने को लेकर विवाद होता रहा।
विदित हो कि इसके पूर्व कोटा चयन को लेकर 9 दिसम्बर को हुई ग्राम पंचायत की खुली बैठक में गांव के शिव प्रताप सिंह पुत्र उदय प्रताप सिंह ग्राम प्रधान द्वारा बैठक को बहिष्कृत करते हुए चले जाने के उपरांत भी जन समूह द्वारा अपने में से एक वरिष्ठ नागरिक को अध्यक्ष नामित करते हुए चयनित कर लिया था । इसमें हुआ यह था कि उपस्थित जनसमूह के बीच से बगैर कारण बताएं ग्राम प्रधान बैठक से चले गए थे । ग्राम प्रधान की अचानक चले जाने के उपरांत भी उपस्थित जनसमूह बैठक कराने पर आमादा रही। बैठक में ग्राम प्रधान के अनुपस्थिति में बैठक की कार्यवाही प्रारंभ रखने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हो गया। सर्वसम्मति से ग्राम पंचायत के वरिष्ठ नागरिक को अध्यक्ष बना कर कार्यवाही करा दी गई। जिसके बाद में खंड विकास अधिकारी द्वारा विधि विरुद्ध घोषित करते हुए पुनः बैठक हेतु निर्देश पारित कर दिया। पुनः कोटा चयन की बैठक न हो इसको लेकर सील प्रताप सिंह हाई कोर्ट से एक आदेश लेकर आए जिसमें उप जिलाधिकारी बीकापुर को निश्चित समय के अंदर विधि सम्मत निर्णय लेने का आदेश पारित किया, इसमें कहीं भी दोबारा बैठक न होने का यह किसी प्रकार का स्थगन आदेश नहीं था।
कोटा चयन को लेकर 24 फरवरी को प्रारंभ हुई बैठक में सील प्रताप सिंह द्वारा हाईकोर्ट के उस आदेश को स्थगन आदेश बताते हुए बैठक को स्थगित करने पर अमादा रहे, दूसरा पक्ष बैठक कराने पर आमादा रहा। बैठक में बढ़ते विवाद को देखते हुए बैठक के पर्यवेक्षक बद्री प्रसाद वर्मा ने उप जिलाधिकारी बीकापुर जैनेन्द्र कुमार को स्थिति से अवगत कराया उप जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर यथास्थिति से अवगत हुए एवं बैठक करने का निर्देश दिया। तत्पश्चात मामला शांत हुआ।2ः00 बजे बैठक प्रारंभ हुई, जिसमें दो आवेदन पत्र पहला संत कुमार पुत्र बुद्धिपाल का एवं दूसरा अश्वनी कुमार का सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान आवंटन हेतु प्राप्त हुआ बाद में अश्वनी कुमार के आवेदन पत्र को कमियों के कारण बैठक में उपस्थित जन समूह द्वारा सर्व सम्मत से निरस्त कर दिया गया इस प्रकार सर्वसम्मति से संत कुमार को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान आवंटन हेतु प्रस्ताव पारित कर दिया गया। बैठक मै मुख्य रूप से ग्राम विकास अधिकारी /सचिव पवन कुमार तथा रामदुलार यादव एवं विनोद कुमार तथा पुलिस बल उपस्थित रहे।