चिकित्सक से़ रंगदारी मांगने वाले दो अभियुक्त गिरफ्तार

 रुपयों को देखकर डॉक्टर के कर्मचारी ने दिलाई थी अपहरण की धमकी

अयोध्या। शहर के प्रतिष्ठित सिंह डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक से डेढ़ करोड़ का रंगदारी मांगने वाला कोई और नही उनका ही कर्मचारी निकला। सोमवार को दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर पुलिस ने मामले का पर्दाफाश कर दिया। सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर निपुण अग्रवाल ने बताया कि 17 अक्टूबर को डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक के मोबाइल पर अज्ञात नम्बर से फोन आया था। जिसमें डेढ़ करोड़ रुपये बतौर रंगदारी नही देने पर बेटे के अपहरण की धमकी दी गई थी। मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के रिकाबगंज-नियावा मार्ग स्थित सिंह इमेजिंग डायग्नोस्टिक सेंटर का है। संचालक डॉक्टर अभिषेक सिंह की जानकारी पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी। सीओ के मुताबिक डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक के आवास और प्रतिष्ठान की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। डीआईजी/एसएसपी दीपक कुमार के निर्देश पर नगर कोतवाल नितीश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीम बना दी गई। वहीं सर्विलांस सेल अज्ञात नम्बर को ट्रेस करना शुरू कर दिया। सर्विलांस सेल की लोकेशन व मुखबिर की सूचना पर सोमवार को देवकाली बाईपास पर टीम पहुंच गई। मुखबिर की सूचना के आधार पर देवकाली बाईपास पर खड़े संदिग्धों को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ शुरू की। दोनों ने अपना नाम प्रदुम चौहान और प्रेम कुमार चौहान निवासी ढोलवापुर थाना छावनी जनपद बस्ती बताया। अभियुक्त प्रदुम चौहान के कब्जे से 315 बोर का एक तमन्चा व दो कारतूस तथा फर्जी नम्बर प्लेट लगी स्पलेण्डर बाइक बरामद हुई। जबकि अभियुक्त प्रेम कुमार चौहान के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल भी बरामद की गई है। पूछताछ में दोनों ने जुर्म स्वीकार कर लिया। रुपयों के लालच में अपहरण की धमकी देने की बात कही है।
डॉक्टर अभिषेक सिंह नियावा रोड पर सिंह डायग्नोस्टिक सेंटर संचालित करते हैं। जिसमें पकड़ा गया अभियुक्त प्रेम कुमार चौहान कर्मचारी है। डायग्नोस्टिक सेंटर पर रोज की भीड़ व होने वाली इनकम के रुपयों को देखते हुए रातों रात अमीर बनने का प्लान बनाने लगा। पुलिस के खुलासे के मुताबिक इस बात का जिक्र उसने दूसरे अभियुक्त अपने गांव के ही प्रदुम चौहान से की। कहा कि मै जहां काम करता हूं। उस डाक्टर के पास काफी पैसा है। यदि उसको धमकी दिया जाए तो हम लोगों को काफी पैसा मिल सकता है। इसपर हम दोनो ने मिलकर योजना बनाई। और 17 अक्टूबर को प्रदुम चौहान ने मोबाइल से फोन कर डाक्टर के बेटे का अपहरण करने की धमकी देकर 1.5 करोड़ रूपये की मांग की। योजना को अमली जामा पहनाने के लिए कवायद शुरू कर दी।
देवकाली बाईपास पर पुलिस टीम के हत्थे चढ़े अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि आज हम लोग मोटरसाइकिल पर फर्जी नम्बर प्लेट डालकर रेकी करने फैजाबाद कस्बे आ रहे थे। जहां पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर विधिक कार्रवाई कर पुलिस ने कोर्ट के लिए रवाना कर दिया। पुलिस टीम ने दो दिन के अंदर जिस सक्रियता से अपराधियों को पकड़ा उससे एसएसपी समेत सभी अफसर खुश हैं। पर्दाफाश करने वाली टीम सम्मानित की संचालक जाएगी। वहीं सिंह डायग्नोस्टिक सेंटर की संचालक डॉ दीप्ती (पीड़िता) ने भी प्रसन्नता व्यक्त की। पुलिस महानिरीक्षक पद्मजा चौहान (नोडल अधिकारी) मिशन शक्ति व पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार व समस्त पुलिस टीम को धन्यवाद ज्ञापित किया। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर नितीश कुमार श्रीवास्तव, एसआई मनोज कुमार, अविनाश चन्द्र के अलावा कांस्टेबल चन्द्रभान यादव (सर्विलांस सेल), ज्ञान प्रकाश यादव, नीरज यादव, विक्रम सिंह व विकास सिंह थाना कोतवाली नगर अयोध्या शामिल रहे।

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