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ट्रस्ट ने जारी की राममंदिर निर्माण के प्रगति की तस्वीरें

-प्रथम तल को तेजी के साथ किया जा रहा तैयार


अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि पर बन रहे भव्य राम मंदिर में आगामी 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए राम मंदिर के प्रथम तल को तेजी से तैयार किया जा रहा है। अब इसका फिनिशिंग का काम किया जा रहा है। प्राण प्रतिष्ठा के लिए श्रीरामलला की मूर्तियों को भी तैयार करने का काम जोरों-शोरों से चल रहा है। मंदिर के गर्भगृह में रामलला की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

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शुक्रवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण के प्रगति को दर्शाने वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा था कि राम जन्मभूमि मंदिर में भगवान राम के पांच वर्षीय बाल रूप की पत्थर की चार फीट तीन इंच की खड़ी प्रतिमा का निर्माण अयोध्या के तीन तीन स्थानों पर किया जा रहा है। तीन कारीगर इसे तीन अलग-अलग पत्थरों में बना रहे हैं। ये प्रतिमाएं करीब 90 प्रतिशत तैयार हैं।

रामलला के अनुष्ठान में शामिल होंगे 151 वैदिक आचार्य

अयोध्या। भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिये अनुष्ठान में 151 वैदिक आचार्य भाग लेंगे। बताया जा रहा है कि श्रीरामजन्मभूमि परिसर में नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला के स्थापित होने के बाद पहली आरती प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उतारेंगे। प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान में 151 वैदिक आचार्यों को लगाया जा रहा है। कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य विजेन्द्र सरस्वती के मार्गदर्शन में आचार्यों की टोली का विगत दिनों चयन हुआ है। काशी के वैदिक विद्वान लक्ष्मीकांत दीक्षित प्रमुख आचार्य होंगे। उनके साथ 151 पंडितों की टोली रहेगी जो विभिन्न पारायण, पाठ, यज्ञ आदि करेगी।

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काशी के ही प्रसिद्ध वैदिक विद्वान गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ की निगरानी में सारे अनुष्ठान होंगे। उन्होंने बताया कि 17 जनवरी को रामलला की अचल मूर्ति की भव्य शोभायात्रा निकालकर रामजन्मभूमि में स्थापित की जायेगी जबकि 18 जनवरी से पूजन-अर्चन, अनुष्ठान की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 जनवरी को रामजन्मभूमि परिसर में पहुंचने के बाद सबसे पहले जटायु मंदिर जायेंगे। जटायु उन कारसेवकों, बलिदानियों के प्रतीक हैं जिन्होंने भगवान के कार्य के लिये जीवन को न्यौछावर किया है। उन सबके प्रतिनिधि के रूप में जटायु को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। उसके बाद वह रामलला का प्राण प्रतिष्ठा करेंगे।

कार्यक्रम में मौजूद देश भर से आये साधु संतों से आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद समारोह में देश-विदेश से आये अतिथियों को रामलला के दर्शन कराये जायेंगे।

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