शौचालय बनाने से ज्यादा जरूरत उसका उपयोग करना : डॉ. अनिल कुमार

उन्मुखीकरण कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन के बारे में दी गयी जानकारी

अयोध्या । जिलाधिकारी डा0 अनिल कुमार के निर्देश पर आज डा0 राम मनोहर लोहिया अवध विश्व विद्यालय के स्वामी विवेकानन्द प्रेक्षागृह में समस्त ग्राम प्रधानों, सचिवों, प्रधानाध्यापकों, चिकित्साधिकारियों एवं नोडल अधिकारी (एसबीएमजी) के उन्मुखीकरण कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत खुले में शौच मुक्त जनपद की स्थायित्व, स्वच्छता, मिजिल्स रूबेला टीकाकरण, मतदाता जागरूकता व ईवीएम के संचालन तथा तम्बाकू नियन्त्रण व क्षयरोग के बचाव के सम्बन्ध में जानकारी दी गई।
कार्यशाला में जिलाधिकारी डा0 अनिल कुमार ने कहा कि स्वच्छता जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू है। स्वच्छता की आदत डालें। जनपद ओडीएफ हो चुका है, शौचालय बनाने से ज्यादा जरूर उसका उपयोग करना और उसे स्वच्छ रखना है। उन्होने कहा कि अपने घर की सफाई करके कूड़ा सड़क पर या रास्ते में न डाले, हम अपनी जिम्मेदारियों को निभायें। उन्होनें कहा कि विकास की मुख्य धुरी शिक्षा है, शिक्षा के बिना सारी चीजें अधूरी हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि मिजिल्स रूबेला टीकाकरण के बारे में भ्रान्तियों का निवारण करें। इसमें सबसे महत्वपूर्ण स्थान अध्यापकों एवं प्रधानाध्यापकों, प्रधानों और अधिकारियों का ही है, ये भ्रान्तियों का निवारण करें। जिस तरह से छोटी माता-बड़ी माता और पोलियो को देश से खत्म किया उसी तरह मिजिल्स रूबेला को खत्म करें। इसके लिये 09 माह से 15 वर्ष तक के सभी बच्चों को एमआर का टीका अवश्य लगवायें। एमआर का टीका हमारे बच्चों का सुरक्षा कवच होगा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक आनन्द ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में समाज की धुरी प्रधान और अध्यापक है, खसरा रूबेला एक महत्वपूर्ण अभियान है, अपने समाज और परिवेश में लोगो को प्रेरित करें कि एमआर का टीका अवश्व लगवायें यह पूरी तरह से सुरक्षित है इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें जिससे देश को खसरा रूबेला से मुक्त करा सके। उन्होने कहा कि शौचालय के उपयोग तथा उसकी जागरूकता पर सभी प्रधान, अध्यापक और अन्य सभी लोग सहयोग करें, यह आवश्यक जरूरत है।
कार्यशाला में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डा0 नीरज कुमार ने खसरा रूबेला अभियान की बारे में जानकारी देते हुये कहा कि 2020 तक खसरे को पूरी तरह से खत्म करने का लक्ष्य है इसके लिये एमआर का टीका 9 माह से 15 वर्ष के बच्चों को दिया जायेगा। इसे खत्म करने के लिए पहले सभी स्कूलों में सभी बच्चों को स्वास्थ्य विभाग की टीमें टीका लगायेगी। जो बच्चों यहां छूट जायेगें या जो स्कूल नही आते उन्हें बाद में गांव में जाकर टीका लगाया जायेगा। उन्होनें कहा कि यह पाचवां चरण है 20 राज्यों में 9.1 करोड़ बच्चों को एमआर का टीका लगाया जा चुका है कहीं से कोई समस्या नही आयी है। उन्होनें कहा कि जनपद में एमआर का पहला टीका स्वयं अपने बच्चें को लगवाया था। उन्होनें कहा कि एमआर टीके के बारे में मन की किसी प्रकार की शंका न रखी जाये, अफवाओं पर ध्यान न दें। किसी भी प्रकार के शंका समाधान के लिये सीएमओ या अन्य किसी उचित व्यक्ति से बात करें। उन्होनें बताया कि अब तक टीकाकरण के लक्ष्य 9 लाख 45 हजार में से तीन लाख बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है। किसी को कोई समस्या नही हुई है बच्चों का टीकाकरण भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार स्वास्थ्य विभाग कर रहा है। उन्होनें ग्राम प्रधानों, सचिवों, अध्यापकों एवं अधिकारियों आदि को टीकाकरण के बारे में स्वयं जानने और लोगो को जागरूक करने का आवाहन किया।
जिला क्षयरोग अधिकारी डा0 अजय मोहन ने तम्बाकू नियन्त्रण एवं क्षयरोगों के बचाव के बारे में कहा कि 2025 तक पूरे भारत को क्षयरोग से मुक्त करने लक्ष्य है। पूरे विश्व में टीबी के सर्वाधिक मरीज भारत में है। इससे भारत में प्रतिवर्ष 5 लाख लोगो की मृत्यु होती है। उन्होनें कहा कि देश में तम्बाकू के कारण प्रतिवर्ष 10 लाख लोगो की मृत्यु होती है तम्बाकू से कैंसर के साथ-साथ ह्रदय व अन्य घातक रोग होते है। जो लोग तम्बाकू छोड़ना चाहते है उन्हें निकोटीन गम निःशुल्क प्रदान की जायेगी। कार्यशाला में मुख्य चिकित्साधिकारी ए0के0 गुप्ता ने आयुष्मान भारत योजना की जानकारी दी, उन्होनें कहा कि इस योजना के अन्तर्गत पंजीकृत लोगो के परिवारों को 5 लाख रू0 तक का निःशुल्क इलाज पंजीकृत अस्पतालों में प्रदान किया जायेगा। जनपद में 2575 गोल्डन कार्ड बनाये जा चुके हैं 90 लाभार्थियों का इलाज शुरू हो चुका है। उन्होनें कहा कि प्रधानमंत्री पत्र व आधार कार्ड को लेकर किसी भी योजना में पंजीकृत अस्पताल में गोल्डन कार्ड बनवायें, इसे दिखाकर पूरे भारत में कहीं भी 5 लाख रू0 का इलाज मुफ्त करा सकते है।
इस अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन के मास्टर ट्रेनर शैलेन्द्र सिंह व प्रधान संघ के अध्यक्ष डा0 राम प्रताप ने भी स्वच्छता, शौचालय के उपयोग के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला में एसडीएम सदर मधुसूदन नागराज, डीपीआरओ सत्यप्रकाश सिंह, स्कूलो के प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान, सचिव आदि उपस्थित थे।

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