-कृषि विश्वविद्यालय हित सर्वाेपरि – डॉ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह
मिल्कीपुर। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज के नवागत कुलपति डॉ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कार्यभार ग्रहण करने के मात्र एक सप्ताह के अंदर ही प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त एवं विश्वविद्यालय कार्यों को गति प्रदान करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय में ताबड़तोड़ प्रशासनिक फेरबदल कर दिए हैं। जिसके तहत कई अधिष्ठाताओं एवं निदेशकों के कार्य क्षेत्र बदल दिए हैं। कुलपति द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत ही धुआंधार प्रशासनिक चाबुक चलने का सिलसिला शुरू कर दिए जाने को लेकर विश्वविद्यालय कर्मियों में हड़कंप मच गया है।
कुलपति डॉ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार एवं पूर्व प्रभारी कुलपति डॉ पी एस प्रमाणिक से पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय के अधिष्ठाता का अतिरिक्त प्रभार छीन लिया है । महाविद्यालय की प्रोफेसर डॉ नमिता जोशी को वेटरनरी कॉलेज का डीन बनाया गया है। इसके अलावा विश्वविद्यालय में ठप पड़े शोध कार्यों को गति प्रदान करने करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय के निदेशक शोध डॉ शंभू प्रसाद से निदेशक शोध का पद का अतिरिक्त प्रभार वापस लेते हुए डॉ सौरभ दीक्षित को निदेशक शोध की नई जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं अभी तीन डीन पूर्व अधिष्ठाता उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय/ हॉर्टिकल्चर बनाए गए डॉ भगवानदीन से अधिष्ठाता परास्नातक का अतिरिक्त प्रभार वापस लेते हुए डॉ संजीत कुमार को अधिष्ठाता परास्नातक की जिम्मेदारी सौंप गई है। कुलपति डॉ सिंह द्वारा दिए गए आदेश के क्रम में विश्वविद्यालय के निदेशक प्रशासन एवं परिवीक्षण डॉ सुशांत श्रीवास्तव की ओर से इस आशय के आदेश जारी करते हुए संबंधित को हस्तगत भी करा दिए गए हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के सभी अधिष्ठाताओं एवं निदेशकों ( डीन/ डायरेक्टर ) के कार्यों की प्रत्येक माह प्रगति रिपोर्ट लेते हुए समीक्षा भी की जाएगी। अच्छा परफॉर्मेंस न दे पाने वाले संबंधित के खिलाफ तत्काल कार्यवाही भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय हित में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।