-जियनपुर में तीन दिवसीय सत्संग समारोह शुरू, देशभर से पहुंचे संत-महात्मा; 22 अक्टूबर को होगा समापन

अयोध्या। संत कबीर साहेब की वाणी और उनके विचार आज भी समाज को मानवता, प्रेम, सद्भाव और आत्मज्ञान का संदेश दे रहे हैं। उनके विचारों में समाज कल्याण का मार्ग निहित है।
यह बातें मंगलवार को जियनपुर स्थित श्री कबीर धर्म मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय सद्गुरु कबीर सत्संग समारोह के शुभारंभ अवसर पर मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष संत परीक्षा साहेब ने कहीं।मोहबरा बाजार के चूड़ामणि चौराहा स्थित श्री कबीर धर्म मंदिर में सद्गुरु श्री रामसूरत साहेब की पुण्य स्मृति में आयोजित समारोह का शुभारंभ संत-महात्माओं की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम का संचालन संत हरि साहेब ने किया। 20 अक्टूबर से शुरू हुआ समारोह 22 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे संत-महात्मा, विद्वान और भजनोपदेशक कबीर साहेब की वाणी और उनके विचारों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान कर रहे हैं।
संत परीक्षा साहेब ने कहा कि भारतीय चिंतन और साहित्य की परंपरा में कपिल, बुद्ध और कबीर साहेब स्वतंत्र विचारधारा के प्रमुख प्रतिनिधि रहे हैं। इन महापुरुषों ने मनुष्य को विवेक, आत्मचिंतन और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कबीर साहेब ने बाहरी आडंबरों से दूर रहकर आत्मज्ञान प्राप्त करने और जीवन में मानवीय मूल्यों को अपनाने पर जोर दिया।
उनके विचार आज भी समाज को सही दिशा दिखाने में प्रासंगिक हैं।समारोह में वाराणसी के संत प्रेम साहेब, बिहार के संत सजीवन साहेब, गुजरात के संत अचल साहेब, लखनऊ के संत दीनदयाल साहेब तथा छत्तीसगढ़ के संत विचार साहेब, मुक्तिशरण साहेब और घनश्याम साहेब सहित राजस्थान एवं अंबेडकरनगर के संत विभिन्न सत्रों में प्रवचन कर रहे हैं।
सत्संग, भजन और प्रवचन के माध्यम से श्रद्धालुओं को कबीर साहेब की शिक्षाओं से अवगत कराया जा रहा है।श्री कबीर धर्म मंदिर सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित समारोह में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर सत्संग का लाभ ले रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम के तहत सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा शाम चार बजे से रात आठ बजे तक सत्संग और प्रवचन होंगे। समारोह का समापन 22 अक्टूबर को होगा।