-मूर्ति स्थापना, विसर्जन, यातायात, सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के निर्देश
अयोध्या। आगामी दुर्गा पूजा एवं दशहरा-2026 के सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित आयोजन के दृष्टिगत मंडलायुक्त राजेश कुमार एवं डीआईजी सुमन वर्मा ने पुलिस लाइन सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी श्री शशांक त्रिपाठी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर, नगर आयुक्त जयेंद्र, विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुराज जैन, मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में मंडलायुक्त महोदय ने निर्देश दिए कि त्यौहार गरिमामय पूर्ण तरीके से संपन्न कराया जाए। रामलीला स्थलों पर एंटी रोमियो स्क्वॉड की तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा सभी धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अश्लील गीत-संगीत पर पूर्ण प्रतिबंध का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
डीआईजी ने एआरटीओ विभाग को निर्देशित किया कि मूर्ति विसर्जन में प्रयुक्त होने वाले वाहनों की जांच अनिवार्य रूप से कर ली जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके। भंडारा स्थलों पर भी पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्राप्त नए शिकायतों एवं विवादों का तत्काल निस्तारण किया जाए। परिक्रमा मार्ग तथा मूर्ति विसर्जन मार्गों पर चल रहे कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि त्योहारों के दौरान आमजन एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि संबंधित क्षेत्राधिकारी एवं उपजिलाधिकारी मूर्ति विसर्जन स्थलों का मोटरसाइकिल से निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लें। सभी संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा प्रबंधों का भौतिक सत्यापन करते हुए आवश्यक कमियों को समय रहते दूर कराया जाए।
बैठक में तहसीलवार दुर्गा पूजा एवं दशहरा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उच्च अधिकारियों ने निर्देश दिए कि मूर्ति स्थापना एवं विसर्जन को लेकर जिन स्थानों पर किसी प्रकार का विवाद या संवेदनशीलता है, उसका समय रहते समाधान सुनिश्चित किया जाए। मूर्ति स्थापना करने वाली समितियों एवं मूर्तिकारों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं।
विसर्जन घाटों एवं अन्य स्थलों पर भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी भीड़ प्रबंधन योजना तैयार करने, प्रत्येक थाने पर गोष्ठी आयोजित कर यातायात डायवर्जन की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा दुर्गा प्रतिमा विसर्जन मार्गों की सड़कों की मरम्मत, विद्युत व्यवस्था एवं सुरक्षा प्रबंध समय से दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। सभी पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने तथा घाटों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
रावण दहन स्थलों का समय से निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए अधिकारियों ने कहा कि रावण के पुतले की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखी जाए तथा उसमें प्रयुक्त होने वाली आतिशबाजी सीमित मात्रा में एवं निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार ही लगाई जाए। नामित नोडल अधिकारी अपने-अपने आवंटित स्थलों का नियमित निरीक्षण करते रहें और किसी भी कमी को तत्काल दूर कराएं।