-मध्य प्रदेश से आए जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर हुए नवाचारों का किया प्रत्यक्ष अनुभव

मिल्कीपुर। हैरिंग्टनगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत पलिया लोहानी बृहस्पतिवार को विकास की प्रयोगशाला बन गई, जब मध्य प्रदेश से आए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने यहां पहुंचकर जमीनी स्तर पर हुए नवाचारों का प्रत्यक्ष अनुभव लिया। ग्राम प्रधान अभिषेक भद्र सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पारंपरिक अंदाज़ में अतिथियों का स्वागत कर गांव की विकास यात्रा से परिचित कराया। एक्सपोजर विजिट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और डिजिटल सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में किए गए कार्यों का बारीकी से अवलोकन किया। भ्रमण की शुरुआत परिषदीय विद्यालय पलिया लोहानी से हुई, जहां स्थापित खगोलीय प्रयोगशाला ने सभी का ध्यान खींचा। बच्चों से संवाद के दौरान अतिथियों को बताया गया कि किस प्रकार आधुनिक संसाधनों से ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा मिली है।
इसके पश्चात प्रतिनिधिमंडल ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत संचालित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र, घर-घर कूड़ा संग्रह, वर्मी व नैनो कंपोस्टिंग की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित पीडीएस गोदाम का भ्रमण कर वितरण प्रणाली की पारदर्शिता और सुविधाओं की जानकारी ली गई। स्वास्थ्य सेवाओं के तहत आयुष्मान आरोग्य केंद्र में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का अवलोकन किया गया, वहीं ग्राम पंचायत की डिजिटल लाइब्रेरी प्रतिनिधिमंडल के लिए विशेष आकर्षण रही। अधिकारियों को जानकारी दी गई कि डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से अब तक 22दृ23 विद्यार्थियों का विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन हो चुका है, जिसे ग्रामीण प्रतिभा के लिए बड़ी उपलब्धि बताया गया। भ्रमण के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने पलिया लोहानी को विकास, नवाचार और जनभागीदारी का सशक्त मॉडल बताते हुए इसे अन्य ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत और “आदर्श ग्राम पंचायत” की संज्ञा दी।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश पंचायती राज निदेशालय से मनीष, जिला समन्वयक दीपक सेन एवं अविरल पाठक, जिला परियोजना प्रबंधक उपेंद्र तिवारी, मास्टर ट्रेनर महेंद्र पाल, सहायक विकास अधिकारी पंचायत, ग्राम प्रधान सचिन, विकासखंड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।