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जन्मजात मूक व बधिर बच्चों का हुआ परीक्षण व पंजीकरण

-आरबीएसके से सम्बद्ध विनायक कॉस्मेटिक सर्जरी एवं लेजर सेंटर के तहत मूक व बधिर बच्चों का होगा आपरेशन

अयोध्या। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) से सम्बद्ध विनायक कॉस्मेटिक सर्जरी एवं लेजर सेंटर लखनऊ तहत जन्मजात मूक व बधिर बच्चों के पंजीकरण शिविर का आयोजन शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मसौधा में किया गया द्य इस दौरान विभागीय चिकित्सकों एवं विनायक कॉस्मेटिक सर्जरी एंड लेजर सर्जरी की टीम ने बच्चों का परीक्षण एवं पंजीकरण किया।

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जिसमें लगभग 50 में से 30 बच्चे आपरेशन एवं अन्य जॉच हेतु लखनऊ बुलाए गए और यह क्रम अभी जारी रहेगा। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अजय राजा ने दी द्य उन्होंने बताया कि जन्मजात बीमारियों से ग्रसित बच्चों की समस्या व उनके निदान के लिये बेहतर चिकित्सा सेवा सुविधा को प्रदेश में प्रचारित-प्रसारित करने की आवश्यकता है । उन्होंने ने कहा- संस्था के निदेशक डा. रोहित भाटिया सार्थक भूमिका निभा रहे हैं। डा.आर के सक्सेना अपर मुख्य चिकत्सा अधिकारी ने बताया दृपंजीकरण की प्रक्रिया 17 दिसम्बर के बाद भी जारी रहेगी द्य जिसमें रोगियों का सम्पूर्ण इलाज किया जायेगा । जो मरीज पंजीकरण का लाभ नहीं उठा पाए वो बाद में भी पंजीकरण करवा सकते है ।

अधिक जानकारी के लिए विनायक कॉस्मेटिक सर्जरी लेजर सेंटर संस्था के प्रतिनिधि रमेश अवस्थी के मोबाइल नम्बर- 9454772206 पर संपर्क स्थापित किया जा सकता है। चिकित्सा अधीक्षक डा.आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि यह जन्मजात मूक बधिर अन्य विकारों की अपेक्षा बच्चों में अधिक देखने को मिलता है । माता-पिता शुरूआती दौर में इस बीमारी को समझ नहीं पाते हैं। समय से उचित चिकित्सीय परामर्श न मिलने से इस बीमारी का इलाज मुश्किल हो जाता है। उन्होने कहा पैदायशी मूक व बधिर बच्चा 5 वर्ष तक और कटे तालू वाले बच्चे का इलाज जन्म के 8 – 10 माह के दौरान किया जाये तो बच्चे के चेहरे पर जीवन भर मुस्कान रहती है। इस संस्था का यही वास्तविक उद्देश्य है। यदि बच्चे की उम्र उसके आगे निकल गयी है तो भी सर्जरी हो सकती है लेकिन सही समय पर सर्जरी कराने से नतीजा सामान्य से ज्यादा अच्छा होता है।

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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के डी0ई0आई0सी0 प्रबन्धक डा0 हम्माद ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह के शिविर जनमानस की भलाई के लिए लगाए जाएँगे । उन्होंने परीक्षण एवं पंजीकरण को सफल बनाने में जिला समन्वयक क्वालिटी इंश्योरेंस के सलाहकार डॉक्टर अरविंद सिंह, बीपीएम मो0 अफजल , सीएचसी मसौधा के समस्त स्टाफ,आशा व आगनवाड़ी कार्यकर्ती मोबाइल हेल्थ टीमों के सदस्य की अहम भूमिका रही।

 

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