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सशक्त रेखांकन से दृश्य में आती है सजीवता : सरिता द्विवेदी

“फिल्म उद्योग में कला निर्देशन की सम्भावनाएँ” विषयक पाँच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का हुआ समापन

अयोध्या। डा. राममनोहर लोहिया अवध विवि में दृश्य कला विभाग व अर्थशास्त्र एवम् ग्रामीण विकास विभागे संयुक्त तत्वाधान में चल रही ’‘फिल्म उद्योग में कला निर्देशन की सम्भावनाएँ‘‘ विषयक पाँच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला मे ‘‘ फिल्म उद्योग मे रेखांकन के द्वारा मंच व्यवस्था के लिए प्रारुप का निर्धारण‘‘ विषय पर कार्यशाला का समापन किया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रुप मे प्रो0 आर0 एन0 मिश्रा, पूर्व संकायाध्यक्ष, ललित कला संकाय, बनारस हिन्दु विश्वविद्यालय (बी0 एच0 यू0) वाराणसी रहे। उन्होने कार्यशाला मे छात्र -छात्राओं को समुचित रेखांकन के तरीके से अवगत कराया साथ ही ये भी बताया की यदि छात्र -छात्राएँ निरन्तर रेखांकन का अभ्यास करते रहेंगे और प्रकृति मे मौजूद हर प्राणियों चाहे वह मनुष्य हो पशु या पक्षी हो सबके रेखांकन को अभ्यासित करेते रहेंगे तो भविष्य में उन्हें अपनी कल्पनाओं से सभी प्राणियों चाहे वह मनुष्य हो पशु या पक्षी हो सबके रेखांकन को अभ्यासित करते रहेंगे तो भविष्य मे उन्हे अपनी कल्पनाओं से सभी प्राणियो को मूर्त रुप देने मे सक्षम हो सकेंगे।
कार्यशाला की संयोजक, सरिता द्विवेदी ने रेखांकन की समस्या उसके व्यवहारिक स्वरुप तथा सीमांकन निर्धारण के बारे मे छात्र -छात्राओं को जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया की आधुनिक फिल्म निर्माण मे ंसशक्त रेखांकन किसी भी दृश्य को सजीवता प्रदान करता है। कार्यशाला निदेशक पल्लवी सोनी ने बताया की किसी भी कला का मूलाधार रेखांकन होता है रेखाओं के द्वारा ही एक कलाकार अपनी भावनाओं को कलाकृतियों में व्यक्त करता है जिससे फिल्म उद्योग मे कला निर्देशन दर्शक के अर्न्तमन को छूता हैं। कार्यशाला मे दृश्य कला विभाग की प्रशिक्षक रीमा सिंह ने विषय पर अपने विचार रखते हुए बताया की सभी कलाओं का सबसे महत्वपूर्ण तत्व लयात्मकता है। रेखाओं मे जिस तरह लयात्मकता और सशक्ता होती है उसी तरह प्रदर्शन कला मे भी लयात्मकता और सशक्ता होना अति आवश्यक है।
दृश्य कला विभाग के समन्वयक प्रो0 विनोद कुमार श्रीवास्तव ने बताया की 18 फरवरी से चल रही पाँच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के व्याख्यान का आज समापन कार्यक्रम प्रो0 मनोज दीक्षित, कुलपति, डॉ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या की प्रेरणा और आर्शीवाद से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। विषय से सम्बन्धित कार्यशाला मे प्रशिक्षित छात्र -छात्राएँ प्रयोगात्मक नाट्य मंचन के द्वारा कार्यशाला की सार्थकता को सिद्ध करेंगे जिसकी प्रस्तुति प्रो0 मनोज दीक्षित, कुलपति, डॉ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या की अध्यक्षता मे सम्पन्न होगी। राष्ट्रीय कार्यशाला कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो0 मदृला मिश्रा, विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र एवम् ग्रामीण विकास विभाग, डॉ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या ने किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से प्रो0 आशुतोष सिन्हा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण,, डॅा0 प्रदीप कुमार त्रिपाठी, श्री. आशीष मिश्रा, डॅा0 अलका श्रीवास्तव, डॅा0 सविता देवी एवं गैर शैक्षिणक कर्मचारियों के साथ बडी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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