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प्रशासनिक अधिकारी समेत 6 लोग गैंगस्टर और हत्या में दोषी करार

-बहुचर्चित विजय कुमार गुप्ता हत्याकांड : सजा के प्रश्न पर सुनवाई 3 को

 

अयोध्या। शहर के बहुचर्चित विजय कुमार गुप्ता हत्याकांड में कलेक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी रामकृष्ण तिवारी समेत 6 लोगों को कोर्ट ने गैंगस्टर और हत्या समेत अन्य धाराओं में दोषी पाते हुए न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया। सजा के प्रश्न पर सुनवाई 3 जून को होगी। फैसला विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट के जज मोहिंदर कुमार की अदालत से शुक्रवार को हुआ। गिरोह बंद अधिनियम के विशेष लोक अभियोजक विकास शुक्ला और जितेंद्र तिवारी ने बताया कि घटना 25 अप्रैल 2000 की शाम 7ः00 बजे की है ।

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कोतवाली नगर के साहबगंज मोहल्ला निवासी श्यामसुंदर गुप्ता के भतीजे विश्वनाथ और गगन उर्फ गोगा श्रीवास्तव के बीच पान खाकर थूकने के मामले को लेकर विवाद हो गया। गोगा ने यह बात जाकर अपने घर बताया। वहां से श्रीकृष्ण तिवारी, रामकृष्ण तिवारी जो अब कलेक्ट्रेट में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हैं ,राजन उर्फ़ हरि कृष्ण तिवारी, गगन उर्फ गोगा श्रीवास्तव, साजिद तथा अजय कुमार द्विवेदी असलहा व तलवार से लैस होकर घटनास्थल पर पहुंचे। और लाइसेंसी बंदूक तथा तमंचे से ताबड तोड़ फायरिंग करके विजय कुमार गुप्ता और उनके पिता अयोध्या कुमार गुप्ता को घायल कर दिया।

परिजनों ने घायल अवस्था में दोनों को जिला चिकित्सालय पहुंचाया जहां विजय कुमार को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया जबकि अयोध्या का कई दिन तक इलाज चला। घटना से भयभीत होकर आसपास के दुकानदारों ने अपनी दुकान बंद कर दी और घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मामले में गिरोह बंद अधिनियम के तहत कार्रवाई भी सभी आरोपियों पर की थी ।

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इसकी रिपोर्ट मृतक के पिता श्याम सुंदर गुप्ता ने सभी के खिलाफ जानलेवा हमला, हत्या ,जान से मारने की धमकी देने समेत अन्य धाराओं में लिखाई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने सभी धाराओं में आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी 6 अभियुक्तों को जानलेवा हमला ,हत्या तथा गैंगस्टर अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।

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