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शोध छात्रों को लाइब्रेरी में देना चाहिए अधिकतम समय : प्रो. मनोज दीक्षित

“की डायमेन्शन ऑफ क्वालिटी रिसर्च” विषय पर हुई कार्यशाला

अयोध्या। डॉ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के संत कबीर सभागार में “की डायमेन्शन ऑफ क्वालिटी रिसर्च” विषय पर दिनांक 06 फरवरी, 2019 को आई0क्यू0ए0सी0 एवं यू0पी0एच0ई0सी0 के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित ने गुणवत्तायुक्त शोध कार्य के लिए शोध निर्देशकों को प्रेरित किया, जिससे विश्वविद्यालय वैश्विक स्तर पर अपना स्थान बना सके। प्रो0 दीक्षित ने बताया कि शोध छात्रों को अधिकतम समय लाइब्रेरी में देनी चाहिए। उन्होंने मौलिक शोध करने की सलाह दी जिससे विश्वविद्यालय शोध के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित कर सके। कुलपति ने शोध निर्देशकों एवं छात्रों से कन्टेंट एनालिसिस पर ज्यादा जोर देने की बात कही।
मुख्य वक्ता के रूप में लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ के दर्शन शास्त्र के प्रो0 राकेश चन्द्रा ने शोध कार्य की गुणवत्ता को और अच्छा करने के विस्तृत सुझाव दिये। उन्होंने शोध के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि शोध गुणवत्ता के लिए जेण्डर इक्वेलिटी पर भी र्प्याप्त जोर देना होगा।
विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो0 एस0एन0 शुक्ल ने शोधार्थियों का संबोधित करते हुए कहा कि शोध कार्य को गुणवत्तायुक्त बनाने के लिए हमें ग्लोबल स्तर पर हो रहे शोध कार्यों से अपने को जोड़ना होगा और तकनीक के प्रयोग को बढ़ावा देना होगा। प्रति कुलपति ने शोध निर्देशकों को पूरे मनोयोग से शोध कार्य को निर्देशित करने का सुझाव दिया। प्रो0 शुक्ल ने शोध कार्य की पारदर्शिता के लिए शोध गंगा पर विश्वविद्यालय की उपस्थित के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला के संयोजक एवं विश्वविद्यालय के आई0क्यू0ए0सी0 के प्रभारी प्रो0 ए0के0 शुक्ल ने कार्यशाला के आयोजन एवं उसके औचित्य पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम की शुरूआत मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गयी। विश्वविद्यालय की छात्राओं द्वारा कुलगीत की प्रस्तुति की गयी। अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्रम से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी विभागों के शिक्षक एवं विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षकों की उपस्थिति रही।

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