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कुर्बान शाह बाबा के उर्स में कव्वालों ने बांधा समां 

-सुरक्षा व्यवस्था की कमी से मेले में अव्यवस्था का माहौल रहा

अयोध्या। मिल्कीपुर और सोहावल तहसील की सीमा पर मड़हा नदी के किनारे मौजूद जिले की प्रसिद्ध दरगाह हजरत कुर्बान शाह बाबा की मजार पर तीन दिवसीय सालाना उर्स का आयोजन शुक्रवार से प्रारंभ हो गया। उर्स के पहले दिन तकरीर व नातिया मुशायरा का आयोजन हुआ।जिसमें अल्लामा मौलाना इलियास,हाजी जमील अहमद कादरी,मौलाना अशफाक समेत दर्जनों आलिमों ने अपनी तकरीर में लोगों को दीन-ईमान की बातें बताई।

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उर्स में बड़ी संख्या में पहुंचे जायरीनों ने कुर्बान शाह बाबा की दरगाह पर चादर चढ़ाई और मन्नते मांगी।सलाना उर्स के दूसरे दिन शनिवार की रात में शानदार जवाबी कव्वाली का आयोजन हुआ। जिसमें कानपुर की मशहूर कव्वाला उजाला परवीन तथा बदायूं के मशहूर कव्वाल नईम साबरी के बीच में हाजिर जवाबी से भरी रोमांचक कव्वाली से हजारों की संख्या में मौजूद श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।दरगाह के प्रबंधक खादिम मोहम्मद नौशाद खान ने बताया कि हजरत कुर्बान शाह रहमतुल्लाह अलैह का 90वां उर्स इस वर्ष बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है।

उर्स में सालाना उर्स में विशाल मेला भी लगा जिसमें उमड़ी भारी भीड़ को नियंत्रित करने की कोई व्यवस्था उर्स में दिखाई नहीं दी जिससे मेले में भारी अव्यवस्था का माहौल दिखा। रात में पुलिस की गैर मौजूदगी से युवाओं के गुटों में कई राउंड मारपीट होने से मेले में अराजकता दिखाई पड़ी।

रायबरेली फोरलेन से कुर्बान शाह बाबा की मजार तक 300 मीटर की दूरी में हजारों की संख्या में मौजूद अराजक भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति शनिवार आधी रात तक बनी रही। भारी भीड़ के दृष्टिगत किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था न होने तथा पूराकलंदर थाने की पुलिस की कम उपस्थिति चर्चा का विषय रही।

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