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पोषण एवं स्वाद “श्री अन्न” की पहचान : डॉ. बिजेन्द्र सिंह

-अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष-2023 के अवसर पर सात दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ

मिल्कीपुर। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय द्वारा अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष-2023 के अवसर पर सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर ग्राम डीली गिरधर में शुरू हुआ। “मोटे अनाज उत्तम स्वास्थ्य का आधार” विषय पर सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ कृषि विश्वविद्याल के कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह ने किया। इस दौरान ग्रामीणों ने मोटे अनाज से लड्डू व इडली बनाने के गुण भी सीखे।

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कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि पोषण एवं स्वाद दोनों ‘श्री अन्न’ की पहचान है। उन्होंने कहा कि मिलेट्स के क्षेत्र में लक्ष्य बनाकर काम करें तो अनंत संभावनाएं हैं। मिड-डे-मील से जोड़कर स्कूली बच्चों को अच्छा पोषण दिया जा सकता है। कुलपति ने कहा कि मिलेट्स हामरे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक है। इसकी पैदावार किसान कम जमीन और न्यूनतम लागत में इसका उत्पादन कर सकते हैं। खाद्य एवं पोषण विभाग की विभागाध्यक्ष डा. साधना सिंह ने ग्रामीणों एवं बच्चों को मोटे अनाज से बाजरे का लड्डू व रागी का इडली बनाने के तरीकों को विस्तार से बताया।

ग्रामीणों ने रुचि के साथ मोटे अनाजों से निर्मित उत्पादों को तैयार करना सीखा। अपर निदेशक प्रसार डा. आर. आर सिंह ने मोटे अनाजों को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीणों को बाजरे का बीज दिया। उन्होंने कहा कि मोटे अनाज के सेवन से कई बीमारियों से बचा जा सकता है। महाविद्यालय की अधिष्ठाता डा. नमिता जोशी ने मोटे अनाज का सेवन करने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया।

कार्यक्रम का संयोजन डा. साधना सिंह ने किया। संचालन डा. श्वेता चौधरी व धन्यवाद ज्ञापन डा. प्रज्ञा पांडेय ने किया। इस मौके पर कुलपति के सचिव डा. जसवंत सिंह, अधिष्ठाता डा. संजय पाठक, डा. भानु प्रताप, डा. एस.के वर्मा, मिथिलेश चौधरी, शोभाराम, मृदुला पांडेय, रेनू, चंद्र मलिका आदि मौजूद रहे।

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