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मासूम बच्चों का नहीं आया कोई दावेदार

-देखभाल और संरक्षण के लिए  सीडब्लूसी ने भेजवाया लखनऊ बालिका गृह

अयोध्या। बाल भिक्षावृत्ति और यौन शोषण के लिए सीतापुर निवासी कंठी- माला बेंचने वाले शख्स की ओर से बिहार से अगवा कर लाये गए तीनों बच्चों को बुधवार को मानसिक और शारीरिक हालत में सुधार के बाद बयान के लिए एएचटी थाना पुलिस ने बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति ने बयान दर्ज करने और मासूमों का कोई विधिक दावेदार न सामने आने पर उनको देखभाल और संरक्षण के लिए लखनऊ स्थित बालिका गृह भेजवाने का आदेश दिया है।
बताते चलें कि कि शनिवार की देर शाम लगभग आठ बजे अयोध्या में सरयू किनारे गोलाघाट स्थित हजारा मंदिर के निकट पटरी पर कंठी माला एवं चंदन की दुकान चलाने वाले जितेन्द्र उर्फ रंजीत मिश्रा की ओर से तीन मासूमों की पिटाई में स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला उजागर हुआ था और प्रारंभिक पड़ताल के बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग ने तहरीर पर विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।

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जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर चालान किया था। वहीं मासूमों को उपचार के लिए सोमवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। विवेचना में जुटे एएचटी थाना प्रभारी सुरेन्द्र सोनकर ने बयान के लिए मासूमों को न्यायपीठ बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सर्वेश अवस्थी, सदस्यगण सिद्धार्थ तिवारी, लल्लन प्रसाद अंबेश के समक्ष प्रस्तुत किया। सीडब्लूसी अध्यक्ष सर्वेश का कहना है कि बयान के बाद मासूमों का कोई विधिक दावेदार न होने के चलते पुलिस को तीनों की देखभाल व संरक्षण के लिए अग्रिम आदेश तक लीलावती मुंशी निराश्रित बालिका गृह लखनऊ भेजवाने का आदेश दिया गया है।

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