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सोशल मीडिया के मुकाबले समाचार-पत्रों की विश्वसनीयता अधिक : डॉ. सुमन गुप्ता

-विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन

अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग में विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की मुख्य वक्ता भारतीय प्रेस परिषद के सदस्य एवं जनमोर्चा हिंदी दैनिक की स्थानीय संपादक डॉ0 सुमन गुप्ता रही। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता एक जोखिम भरा कार्य है। इसके बिना पत्रकारिता संभव नहीं है।

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पत्रकारिता जीवन का दृष्टिकोण विकसित करने का महत्वपूर्ण साधन है। डॉ. सुमन ने वर्तमान संदर्भ में बताया कि सोशल मीडिया भी एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में विकसित हो चली है। परंतु समाचार पत्रों की विश्वसनीयता ज्यादा मानी जाती है। क्योंकि घटनाओं की प्रस्तुति बिना जांच परख के नहीं प्रकाशित की जाती है। जबकि सोशल मीडिया पर फेक सूचनाओं के होने का खतरा विद्यमान रहता है। उन्होंने बताया कि आज हम सभी पत्रकारिता इसलिए कर पा रहे हैं क्योंकि भारतीय संविधान हमें अधिकार प्रदान करता है। पत्रकारिता का उद्देश्य सही गलत की परख करना भी है। एक पत्रकार को विषयों का ज्ञान होना आवश्यक है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभाग के समन्वयक डॉ0 विजयेन्दु चतुर्वेदी ने बताया कि मौलिक अधिकार में प्रेस की स्वतंत्रता निहित है। एक पत्रकार को संवैधानिक उपबंधों का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है। तभी वह निष्पक्ष पत्रकारिता करते हुए स्वयं को सुरक्षित रख सकता है। उन्होंने बताया कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चतुर्थ स्तंभ है। इसके मापदण्डों को बनाये रखना होगा। विभाग के शिक्षक डॉ राज नारायण पांडे ने कहा कि आज विश्व पत्रकारिता दिवस की तीसवीं वर्षगांठ है। यह घोषणा 1991 में संयुक्त राष्ट्र संघ की पहल से की गई थी।

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कार्यक्रम में विभाग के शिक्षक डॉ0 अनिल विश्वा ने पत्रकारिता दिवस के मायने पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन डॉ0 चतुर्वेदी ने किया। इस अवसर पर सर्वेश द्विवेदी, दीव्यांशु यादव, शिवानी पाण्डेय, त्रिपदा त्रिपाठी, स्वाति सिंह, प्रगति ठाकुर, मनीषा ओझा सौरभ मिश्रा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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