सरयू तट पर दुआ नहीं मांग सका मुस्लिम समाज

 विरोध के चलते बदली गयी आयोजन की जगह

 रोंक के बावजूद तीन महिलाओं ने सरयू नदी के जल से किया वजू

 हनुमानगढ़ी के संत राजूदास ने दी थी आत्मदाह की चेतावनी

अयोध्या-फैजाबाद। अयोध्या सरयू तट पर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के तत्वाधान आयोजित वजू, व दुआ कार्यक्रम आखिरकार मुस्लिम समाज नहीं कर सका। हनुमानगढ़ी के संत राजू दास की चेतावनी के बाद अयोध्या में एक साथ 1500 मुसलमानों के सामूहिक नमाज अदा करने का कार्यक्रम रद्द हो गया। सरयू नदी के तट पर सामूहिक रूप से कुरान की आयतों का पाठ और कुरानख्वानी कार्यक्रम पर जिला प्रशासन ने रोक लगा दी । मौके पर फोर्स लगा दिया गया और लोगों को सरयू तक जाने से रोका जाने लगा, बावजूद इसके तीन महिलाओं ने सरयू नदी के जल से वजू किया। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के आह्वान पर ये कार्यक्रम हो रहा था। तय कार्यक्रम के मुताबिक, गुरुवार को एक साथ करीब 1500 मुसलमानों को सरयू के जल से वजू बनाकर नदी के किनारे नमाज अदा करने और कुरान ख्वानी के जरिए देश में अमन चैन का संदेश देना था। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुस्लिम समुदाय के लोग धार्मिक नगरी अयोध्या पहुंच गए थे, लेकिन हनुमानगढ़ी के साधु राजू दास द्वारा इस पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग और ऐसा न करने पर आत्महत्या कर लेने की धमकी के बाद राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के संयोजक संत मुरारी दास उर्फ महीरध्वज ने जिला प्रशासन के अनुरोध पर यह कार्यक्रम स्थगित करते हुए सरयू घाट न जाकर नौगजी मजार पर जियारत करने का कार्यक्रम तय किया। कार्यक्रम आयोजक संत मुरारी दास उर्फ महीरध्वज ने कहा कि वह मुस्लिम भाइयों के साथ लगातार प्रयास कर रहे हैं कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो जाये। सामाजिक समरसता और आपसी प्रेम भाव बढ़ाने वाले इस कार्यक्रम को लेकर वह अयोध्या आए थे। कहा कि हमारा उद्देश्य किसी को कोई कष्ट पहुंचाना नहीं था। लेकिन हमारे कारण कोई अपनी जान दे, ऐसा हमें स्वीकार नहीं है। लेकिन ऐसे लोग राम विरोधी हैं। वो सिर्फ मीडिया में सुर्खियां पाना चाहते हैं और सपा-कांग्रेस के एजेंट हैं। उन्होंने कहा कि देश में अमन-चैन और शांति बनी रहे, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मार्ग में आ रही बाधाएं दूर हों, इसके लिये नौगजी मजार पर जाकर मुस्लिम भाइयों ने नमाज अदा की।
बताते चलें कि सरयू तट पर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के तत्वाधान में यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा था। इस कार्यक्रम में यूपी सरकार के अल्पसंख्यक मंत्री लक्ष्मीनारायण चैधरी को भी शामिल होना था, लेकिन कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही विवादों में आ गया। मामले पर सियासत तेज हुई तो मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के इस कार्यक्रम से आरएसएस ने खुद को अलग कर लिया।
 हिन्दू महासभा, धर्मसेना ने कहा- आरएसएस व भाजपा की डील राष्ट्र विरोधी तत्वों के साथ

राष्ट्रीय मुस्लिम मंच द्वारा मुस्मिलो को पवित्र सरयू जल से वुजू कराये जाने का विरोध हिन्दू महासभा, धर्मसेना आदि के द्वारा सरयू तट पर पहुँच कर कड़ा विरोध कराया गया है। जिसकी वजय से प्रशासन ने तत्काल निर्णय लेते हुए कार्यक्रम पर रोक लगा दी हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीष पाण्डेय ने कहा है कि सरयू जल से वजू कराये जाने से उसकी पवित्रता भंग होती इसी लिए यह यह विरोध अतिआवश्यक था इसके लिए मुस्लिम मंच को हिन्दूओं से माफी माॅगनी चाहिए तथा पराश्चित स्वरूप देश की मस्जिदो में हनुमान चालीसा का पाठ कराना चाहिए। ऐसी अनैतिक डीलों का विरोध राम भक्त हमेशा करते रहेंगे। धर्म सेना के संस्थापक संतोष दूबे ने कहा कि मुस्लिमो के साथ एक बड़ी डील के तहत आर एस एस मुस्लिम मंच व भाजपा सुलह समझौता के फार्मूले को लागू करते हुए श्री राम जन्म भूमि पर मस्जिद बनवाने की साजिश रच रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि सुलह समझौते के पक्षधर रही सपा कांगे्रस व अन्य देश विरोधी संगठनों से आर0एस0एस0 व भाजपा की डील पक्की हो चुकी है।

इसे भी पढ़े  IICF ने धन्नीपुर में झंडा रोहण के बाद किया पौधरोपण

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More