शिक्षामित्रों के लिये आप सांसद संजय सिंह ने माँगा समर्थन

    • आप सांसद संजय सिंह ने विपक्षी नेताओं  व मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से भी की मुलाकात 

    • सुप्रीम कोर्ट का हवाला देकर शिक्षामित्रों को गुमराह कर रही योगी सरकार

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    लखनऊ। आदमी पार्टी राज्यसभा सांसद व प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने शिक्षामित्रों के आंदोलन की अगुवाई कर रही श्रीमती उमा देवी के साथ दिल्ली में विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात की और आंदोलनरत शिक्षामित्रों के लिए समर्थन मांगा। सांसद श्री सिंह इससे पूर्व उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों की समस्या को संसद में उठा चुके हैं। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सभाजीत सिंह ने बताया कि शिक्षा-मित्रों के आन्दोलन की अगुवाई कर रही श्रीमती उमा देवी के साथ सांसद संजय सिंह ने मानव संसाधन विकास मंत्री  प्रकाश जावडेकर, कांग्रेस नेता पी. एल. पुनिया, राज बब्बर, जयराम रमेश, अखिलेश प्रसाद सिंह, समाजवादी पार्टी से रामगोपाल यादव, एनसीपी के वंदना चव्हाण, आरजेडी के मनोज झा, सीपीआईएम से के.के राजेश एवं टीडीपी के सी.एम रमेश से भेंट करके शिक्षामित्रों की समस्या को लेकर समर्थन माँगा। शिक्षमित्रों की प्रमुख मांगों एवं उत्तर प्रदेश की सरकार के साथ हुई वार्ता व आश्वासन के उपरान्त अभी तक विवेचित शासनादेश लागू नहीं हुआ। इसके संबंध में शिक्षामित्र 18 मई 2018 से अनवरत आन्दोलन पर हैं। आम शिक्षक/शिक्षामित्र संघ उत्तर प्रदेश के अनुसार प्रदेश में पिछले एक वर्ष में क़रीब 708 शिक्षामित्रों की मृत्यु हो चुकी है। तकरीबन 1,24,000 शिक्षामित्रों को समायोजित कर दिया गया है। उन्हें केंद्र द्वारा 2017 में निर्देशित समान वेतन – समान कार्य से भी वर्जित किया जा रहा है एवं मृतकों के परिवारों को मुआवज़ा देने का कोई भी प्रावधान संज्ञान में नहीं आया है। सांसद संजय सिंह ने कहा, “उत्तर प्रदेश शासन शिक्षामित्रों को गुमराह करने का काम कर रही है। इस पूरे मसले पर विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने समर्थन देने की बात की। तमाम शिक्षामित्रों ने गरीबी व लाचारी के चलते आत्महत्या की व कईयों की मौत मुफ़लिसी में हुई व अभी भी स्वास्थ्य के मामलों में शिक्षामित्रों की स्थिति बहुत नाज़ुक है। मैं विपक्ष के नेताओं से सरकार की शिक्षामित्र विरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ कदम उठाने की अपील करूँगा।” प्रदेश प्रवक्ता सभाजीत सिंह ने कहा कि सांसद संजय सिंह ने 24 जुलाई को शिक्षामित्रों की माँगों को स्पेशल मेंशन के माध्यम से सदन में उठाया था। प्रदेश प्रवक्ता सभाजीत सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश की योगी सरकार शिक्षामित्रों की समस्या को हल नहीं करना चाहती। सुप्रीम कोर्ट का हवाला देकर शिक्षामित्रों को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों को लेकर सरकार की नियत ठीक नहीं है नहीं तो सामान कार्य – समान वेतन के तहत शिक्षा मित्रों को नियमित कर पूरा वेतन दे सकती है ।