मेडिकल सेंटर के कर्मचारी ही निकले चोर

    • रहस्यमय चोरी का पुलिस ने किसा खुलासा

    • चोरी की 2 लाख 54 हजार  नकदी, दवाएं व उपकरण बरामद, दो गिरफ्तार

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    फैजाबाद। डफरिन मार्ग स्थित डा. आनन्द गुप्ता के मेडिकल सेंटर में बीते दिनों हुई रहस्यम चोरी का पुलिस ने खुलासा करते हुए चोरी की गयी नकदी, दवाएं व उपकरण बरामद कर लिया है। मेडिकल सेंटर में चोरी करने वाले दोनो आरोपी सेंटर के कर्मचारी निकले। यह जानकारी एसपी सिटी अनिल कुमार सिंह सिसोदिया ने नगर कोतवाली में आयोजित पत्रकार वार्ता में दिया।
    उन्होंने बताया कि 19/20 जुलाई की रात में मेडिकल सेंटर से 2 लाख 54 हजार रूपया, लगभग एक लाख की महंगी दवाएं सीसी टीवी की डीवीआर, कनेक्टर, वाईफाई माडम चुरा लिया गया था। इस मामले में कोतवाली नगर में डा. आनन्द गुप्ता ने अज्ञात चोरों के खिलाफ रिर्पोट दर्ज कराया था। डाक्टर द्वारा दी गयी तहरीर में कहा गया था कि मेडिकल सेंटर के बाहरी द्वार पर पूर्व की भांति ताला लगा हुआ था। ताला खोलकर जब 20 जुलाई को सुबह अन्दर जाया गया तो चोरी का पता चला। एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस इस तरह की चोरी को लेकर हैरान थी। छानबीन के दौरान मेडिकल सेंटर पर पर्ची काटने वाले विकास शुक्ला पुत्र कपिलदेव शुक्ला निवासी ग्राम सिक्टिहवां थाना दुबौलिया जनपद बस्ती पर इस बिना पर शंका हुई कि उस रात सबसे बाद में ताला बंद करके वही गया था। कड़ी पूंछताछ के बाद विकास शुक्ला ने कबूल दिया कि वह 6-7 महीने पहले सेंटर से निकाले गये कर्मचारी अनिल कुमार वर्मा पुत्र सभाजीत वर्मा निवासी ग्राम परसवां महोला थाना तारून के साथ मिलकर चोरी की घटना को अंजाम दिया। अनिल कुमार वर्मा बल्लाहाता रिकाबगंज में किराये के मकान में रहता है। पुलिस ने चिन्हित मकान पर छापा डाला तो चोरी किया गया सारा सामान बरामद कर लिया गया। अभियुक्त अनिल कुमार वर्मा को मौके से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि चोरी की गयी दवाएं लगभग एक लाख 30 हजार रूपये की होंगी। दवाओं में महंगी एंटीबायटिक, प्लेटलेट्स, हृदयरोग, ब्लड प्रेशर व लीबर चर्बी की दवाएं शामिल है। उन्होंने बताया कि अनिल कुमार वर्मा पहले भी छोटी मोटी चोरियां कर चुका था। वह लगभग 8-9 साल से मेडिकल सेंटर पर नियुक्त था 6-7 महीने पहले उसे नौकरी से हटा दिया गया था। अनिल कुमार वर्मा ने विकास शुक्ला के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाया। विकास शुक्ला की मदद से डुप्लीकेट चाभियां बनायी गयीं जिसमें डाक्टर केबिन की भी चाभी थी। विकास शुक्ला रात में अनिल को मेडिकल सेंटर के अन्दर पहुंचाकर बाहर से ताला बंद कर दिया अनिल ने बड़े आराम से नकदी व महंगाई दवाएं तथा उपकरण पैक किया इसबींच फोनकरके विकास शुक्ला को उसने बुलाया और दोनों ने मिलकर सामन को बल्लाहात स्थित कमरे में रख दिया। एसटी सिटी ने बताया कि इस रहस्यमय चोरी का खुलासा करने वालों में कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अमर सिंह, वरिष्ठ उप निरीक्षक जय प्रकाश सिंह, विवेचक दिनेश कुमार सिंह, उप निरीक्षक अजय कुमार सिंह, अभिषेक सिंह, विनय कुमार, श्रीमती चन्दा यादव शामिल थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने चोरी का खुलासा करने वाले पुलिस दल को 15 हजार रूपये पुरस्कार देने की घोषणा किया है। गौरतलब हो कि उक्त घटना में डा. आनन्द गुप्ता द्वारा जो तहरीर दी गयी थी उसमें नकद राशि मात्र 2 लाख रूपये दर्शायी गयी थी जबकि बरामद होने पर पता चला कि नकद राशि 2 लाख 54 हजार रूपये दो हजार के नोटों के रूप में थी। डा. गुप्ता ने भी चोरी का खुलासा करने वाले पुलिस दल को सम्मानित करने की घोषाणा किया है।