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अवध विश्वविद्यालय में स्थापित किया गया भूकंपीय तरंगों का मापन स्टेशन

-कुलपति प्रो. प्रतिभा गोयल ने किया निरीक्षण किया , बताया बड़ी उपलब्धि

अयोध्या। राष्ट्रीय परियोजना के तहत डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग में भाभा एटोमिक रिसर्च सेंटर (बार्क), मुंबई की ओर से रेडॉन जियो स्टेशन स्थापित कर दिया गया है। विवि की कुलपति प्रो. प्रतिभा गोयल ने इस स्टेशन का निरीक्षण किया तथा इसे अयोध्या के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि भविष्य में पर्यावरण विज्ञान, भौतिकी, जियोफिजिक्स, सिस्मोलॉजी से संबंधित शोध में मदद मिल सकेगी। इसके अलावा अयोध्या मंडल सहित अन्य दूर दराज के क्षेत्रों में आने वाले संभावित भूकंपों की जानकारी मिलने से जान-माल की हानि को कम किया जा सकेगा। बार्क के वैज्ञानिक ने बताया कि रेडॉन जियो स्टेशन का भार 100 किलोग्राम है। यह स्टेशन सौर ऊर्जा से संचालित इंडियन नेटवर्क ऑफ डिटेक्शन ऑफ रेडॉन एनोमली फॉर सिस्मिक अलर्ट पर चल रही परियोजना के हिस्से के रूप में स्थापित किया गया है।

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पर्यावरण विज्ञान विभाग के प्रो. जसवंत सिंह का कहना है कि इससे शोधार्थियों को लाभ मिलेगा। रेडॉन का उत्पादन यूरेनियम और धोरियम के रेडियोधर्मी क्षय से होता है, जो अधिकांश चट्टान और मिट्टी पर परिवर्तनीय सांद्रता में मौजूद होता है। रेडॉन रेडियोधर्मी पदार्थ का उत्पादन है, यह उपकरण टेक्टोनिक प्लेट्स के अंतर होने अथवा टकराने से पहले एक सिग्नल भेजता है। टेक्टोनिक प्लेट्स की गति को भूकंप के रूप में जाना जाता है। प्रो० सिंह ने आगे बताया कि जल स्रोतों में रेडॉन की मात्रा इस तरह की गतिविधि से पहले बढ़ती है। उपकरण रेडॉन की पहचान करेगा और बार्क के मॉनिटरिंग सेंटर को एक सिग्नल भेजेगा।

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इस तरह यह उपकरण पूर्व भूकंप गतिविधि कि चेतावनी देने में मदद करेगा। भूकंप की भविष्यवाणी की संभावना तलाशने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में 100 ऐसे स्टेशनों का एक नेटवर्क बनाया जा रहा है। यह सुविधा रेडॉन की उपस्थिति का पता लगाएगी और डेटा को सीधे बार्क के निगरानी केंद्र में भेजेगी। भविष्य में कई अन्य परियोजनाओं को लेकर भी यह स्टेशन अत्यंत उपयोगी होगा।

 

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