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आज कल बढ़ते हुए मनोदबाव के चलते अवसाद, उन्माद, ओ सी डी, फ़ोबिया जैसे गम्भीर मनोरोगो की चपेट में आ रहें किशोर व युवा पीढ़ी को सम्मोहन मनोउपचार या हिप्नोथिरैपी त्वरित राहत तो देता ही है, साथ ही उनमें अकादमिक चुनौती व प्रतियोगिता जनित तनाव प्रबंधन का भी हुनर सिखा देता है। विकसित देशों में हैप्नोथिरैपी के परिणाम युवाओ में बहुत ही उत्साहवर्धक हैं, जबकि हमारे देश मे इस थिरैपी के बारे में न तो पर्याप्त जागरूकता है और न ही युवाओं को इसकी उपलब्धता है।यह बात अयोध्या महानगर के वैदेही नगर स्थित हिप्नोथेरेपी सेवा केंद्र “हिप्नोहाउस” के हवन पूजन उपरांत डॉ आलोक मनदर्शन ने कही। मनदर्शन मिशन के संस्थापक डॉ मनदर्शन ने यह भी बताया कि फ्री साइकोथैरेपी सेवा शुरू करने तथा भारत की पहली खूबसूरत मन प्रतियोगिता आयोजित करने के पश्चात यह सेवा मिशन का अगला कदम है जिससे समाज मे मनोस्वास्थ्य का संचार हो सके।
👉युवा मनोस्वास्थ्य में बहुत कारगर है हिप्नोथिरैपी
आज कल बढ़ते हुए मनोदबाव के चलते अवसाद, उन्माद, ओ सी डी, फ़ोबिया जैसे गम्भीर मनोरोगो की चपेट में आ रहें किशोर व युवा पीढ़ी को सम्मोहन मनोउपचार या हिप्नोथिरैपी त्वरित राहत तो देता ही है, साथ ही उनमें अकादमिक चुनौती व प्रतियोगिता जनित तनाव प्रबंधन का भी हुनर सिखा देता है। विकसित देशों में हैप्नोथिरैपी के परिणाम युवाओ में बहुत ही उत्साहवर्धक हैं, जबकि हमारे देश मे इस थिरैपी के बारे में न तो पर्याप्त जागरूकता है और न ही युवाओं को इसकी उपलब्धता है।यह बात अयोध्या महानगर के वैदेही नगर स्थित हिप्नोथेरेपी सेवा केंद्र “हिप्नोहाउस” के हवन पूजन उपरांत डॉ आलोक मनदर्शन ने कही। मनदर्शन मिशन के संस्थापक डॉ मनदर्शन ने यह भी बताया कि फ्री साइकोथैरेपी सेवा शुरू करने तथा भारत की पहली खूबसूरत मन प्रतियोगिता आयोजित करने के पश्चात यह सेवा मिशन का अगला कदम है जिससे समाज मे मनोस्वास्थ्य का संचार हो सके।👉 हिप्नोथिरैपीे का मनोगतिकीय विश्लेषण :
युवा व किशोर मन ऊर्जा से तो भरपूर होता है, परंतु उसके मन की स्थिति ऐसी होती है जैसे रेसिंग बाइक पर सवार बाइकर जो यह नही जानता है कि ब्रेक कब और कितना लगाना है । इस प्रकार सम्मोहन मनोउपचार में युवाओं के अर्धचेतन मन रूपी रेसिंग बाइक पर चेतन मन रूपी ब्रेक की कंडीशनिंग की जाती है।
👉सम्मोहन उपचार के लाभ :
इस उपचार से सेवार्थी अनचाहे व रेसिंग बाइक की तरह भागने वाले नकारात्मक मनोभावों व विचारों से अनासक्त होना सीखता है , तथा सम्यक अंतर्दृष्टि से संगत सकारात्मक व्यवहार को चेतन मन से अभिव्यक्त करता है। इस प्रकार किशोर व युवा भावनात्मक परिपक्वता की मनोदशा से अपने मनोतनाव का प्रबंधन खुद ही करने योग्य बन सकते हैं ।