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चीनी मिलों को बंद करने का अवसर तलाश रहा प्रबंधन

खेतों मे खड़ा है किसानों का गन्ना, भाकियू नेता ने जताया आक्रोश

योध्या। जब तक किसानों के खेत में गन्ना खड़ा है तब तक चीनी मिलें बंद नहीं होनी चाहिए। चीनी मिलों द्वारा अभी तक बाहरी जनपदों का गन्ना अधिक मात्रा में खरीदा गया और स्थानीय गन्ना किसानों का गन्ना नहीं खरीद कर परेशान किया जा रहा है। अभी तक9-10पक्ष की पर्चियां भी नहीं निर्गत की गई हैं उल्टे चीनी मिलें फिरी करके में येन-केन प्रकारेण चीनी मिलें बंद कर ने का मौका तलाशा जा रहा है। जिस का प्रबल विरोध किया जाएगा । उक्त जानकारी देते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव घनश्याम वर्मा ने बताया कि गन्ना उपलब्धता व चीनी मिल की पेराई क्षमता को देखते हुए कैलेंडरिग की जाती है और किस पक्ष के किस कालम में पर्चियां निर्गत होंगी अंकित की जाती है सभी पक्ष की पर्चियां निर्गत हो जाने के बाद ही चीनी मिल में फिरी तौल करने की घोषणा की जाती है और नो केन ( गन्ना नहीं मिलने पर) चीनी मिल बंद करने की व्यवस्था है परन्तु अभी तक 09-10 पक्ष की पर्चियां नहीं जारी की गई हैं और गलत तरीके से चीनी मिल फिरी करके चीनी मिल को बन्द करने के प्रयास में हैं। श्री वर्मा ने कहा कि गर्मी बढ़ने वा मजदूरों की समस्या होने के कारण गन्ना छिलाई में दिक्कत हो रही है इसलिए चीनी मिल को मध्यम गति से चलाते हुए वास्तविक रूप से गन्ना समाप्त होने पर ही चीनी मिल को बन्द किया जाए। श्री वर्मा ने कहा कि गत तीस वर्षों में पहली बार जिला गन्ना अधिकारी व के एम शुगर मिल के प्रबन्ध तन्त्र ने संयुक्त प्रेस वार्ता करके 85 प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान को प्रचारित करके लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी को लाभ पहुंचाने का कार्य करके आदर्श चुनाव आचार संहिता का उलंघन किया गया है जिसके लिए जिला गन्ना अधिकारी अयोध्या के विरूद्ध दंडात्मक कार्यवाही किया जाना आवश्यक है।

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