खुले में शौच की कुप्रथा को संघन प्रयास से करें जागरूक: डा. अनिल कुमार

     एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का हुआ आयोजन

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    फैजाबाद। जिलाधिकारी डा0 अनिल कुमार ने कहा कि सेवाभाव से समाज के लिये कार्य करें, किसी कार्य को भार समझकर न करें, बल्कि कार्य को सेवाभाव मानते हुए उत्तरदायित्व एवं जिम्मेदारी से करें। हम 30 जून 2018 तक खुले मे शौच मुक्त के लक्ष्य को पूर्ण कर सकते है। हमारा उत्तर दायित्व है कि समाज बुराईयों, कुरीतियों को दूर करने के लिये कार्य करें। तन-मन और परिवेश आदि सभी चीजे जब स्वच्छ होगीं तभी हमारा लक्ष्य पूर्ण होगा, हमे सोच में परिवर्तन लाने की जरूरत है।

    जिलाधिकारी अवध विश्व विद्यालय के कबीर सभागार मे एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला मंे ग्राम पंचायत स्तर पर बनाये गये नोडल अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे, उन्होने आगे कहा कि जब हमे शर्म आयेगी और हम भी जागेगें तो खुले में शौच की शर्म अपने आप दूर चली जायेगी, उन्होनें कहा कि जब भी आप गांव में खुले में शौच मुक्त अभियान पर लोगो से बात करने जायेगें तो महात्मा गांधी के इस सन्देश को याद रखें, ‘‘पहले वे आपकी बात की उपेक्षा करेगें, फिर आपसे अलग होकर हंसेगें, फिर आपसे झगड़ा करेगें लेकिन जब आप उन्हें खुले में शौच के कुप्रभावों के बारे में विस्तार से बतायेंगे तो वे सभी आपकी बात मानेगें और आपका सम्मान भी करेगें।

    कार्यशाला में यूनीसेफ से आये मनोज शुक्ला ने कहा कि लोग खुले में शौच के कुप्रभाव को समझ नही पा रहे है। जब हमारे घर की बहन-बेटियां मासिक पीरियड से गुजर रही होती है तो उन पांच दिनो में उनके गर्भाशय का मुंह खुला रहता है ऐसे में खुले में शौच जाने से उनका गर्भाशय संक्रमित होने की पूर्ण रूप से सम्भावना होती है और जब वे गर्भधारण करती है तो  गर्भ मे पलने वाला बच्चा पहले ही दिन से संक्रमित  हो जाता है उससे जच्चा और बच्चा मानसिक, शारीरिक रूप से वह कमजोर व कुपोषित हो जाता है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने अपने उद््बोधन में कहा कि 2012 मे सर्वे हुआ था उसके अनुसार जनपद के 3 लाख 70 हजार घरो में से मात्र 76 हजार घरो में शौचालय थे। 2 लाख 93 हजार 115 घरों में शौचालय बनवाया जाना था, विगत 4-5 वर्षो के मात्र 74 से 75 हजार शौचालय ही वन पाये जबकि विगत वित्तीय वर्ष 2017-18 में 52000 शौचालय का निर्माण कराया गया। हमे जून से पहले पूरे जनपद को ओ0डी0एफ0 करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।

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    कार्यक्रम के दौरान मानव मल से बनने वाले खाद जिसका उपयोग कृषि में होगा के बारे में विस्तार से बताते हुये पंचायत के जिला समन्वय अविरल पाठक ने तकनीकी जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन जिला समन्वय दीपक सेन ने किया।  कार्यशाला मे सभी उप जिलाधिकारी, सभी कार्यालाध्यक्ष उपस्थित थे।