-कुलाधिपति ने परिसर में संचालित विकास योजनाओं का किया अवलोकन, हरित एवं पर्यावरणीय पहलों की सराहना

अयोध्या। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने शनिवार सायंकाल विश्वविद्यालय के नवीन परिसर में नवनिर्मित भव्य सरोवर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने सरोवर का अवलोकन करते हुए कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
विश्वविद्यालयों को शिक्षा एवं अनुसंधान के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा पर्यावरण संवर्धन की दिशा में भी अनुकरणीय पहल करनी चाहिए। ऐसे प्रयास विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के साथ समाज को भी सकारात्मक संदेश देते हैं। कुलाधिपति ने कहा कि आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं पर्यावरण-अनुकूल परिसर विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं दीर्घकालिक उपयोगिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके उपरांत कुलाधिपति ने परिसर में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं का अवलोकन किया। उन्होंने शैक्षणिक भवनों, आधारभूत सुविधाओं, सड़कों, हरित क्षेत्रों, पेयजल व्यवस्था तथा अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए तथा परिसर के समग्र विकास के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने कुलाधिपति का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय परिसर में संचालित विकास योजनाओं एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरोवर का निर्माण, विश्वविद्यालय परिसर को हरित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने की व्यापक योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलेगा, भूजल स्तर में सुधार होगा तथा जैव विविधता के संरक्षण में भी सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में हरित वातावरण विकसित करने, व्यापक वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इस अवसर पर राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी अशोक देसाई, वित्त अधिकारी पूर्णेन्दु शुक्ल, कुलसचिव विनय कुमार सिंह, प्रो. एसएस मिश्र, प्रो. नीलम पाठक, प्रो. आशुतोष सिन्हा, प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा, प्रो. अनूप कुमार, प्रो. सिद्धार्थ शुक्ल सहित समस्त विभागाध्यक्ष, एवं कार्यदाई संस्थाओ के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।