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‘अगर सब आग लिखेंगे तो पानी कौन लिखेगा’

-जनवादी लेखक संघ ने किया कवि गोष्ठी एवं शेरी नशिस्त का आयोजन

अयोध्या। जनवादी लेखक संघ, फ़ैज़ाबाद के तत्वावधान में सरयू विहार कॉलोनी स्थित जलेस कार्यालय में एक कवि गोष्ठी एवं शेरी नशिस्त का आयोजन किया गया। साझा संस्कृति और गंगा-जमुनी तहज़ीब पर केन्द्रित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उर्दू के मशहूर तनकीदनिगार मो. जफर साहब ने की, मुख्य अतिथि के रूप में फैज़ाबाद के बड़े शायर और फिल्मी गीतकार मरहूम अब्दुल राज़िक खाँ के साहबजादे मो. हाशिम खान थे और विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ कवि आशाराम जागरथ मौजूद थे। गोष्ठी और नशिस्त का संचालन शायर और जनवादी लेखक संघ के सदस्य मुजम्मिल फिदा ने किया।

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इस कार्यक्रम का संयोजन जलेस के सदस्य सत्यभान सिंह ‘जनवादी’ द्वारा किया गया था। कार्यक्रम में उपस्थित सभी कवियों/शायरों द्वारा अपनी कविता, नज़्म और अशआर की प्रस्तुति की गयी। मशहूर शायर इल्तिफात माहिर ने सुनाया ‘अगर सब आग लिक्खेंगे तो पानी कौन लिक्खेगा’, वहीं शायर मो. शफीक का कलाम था कि ‘आग में जलना ही मुकद्दर था, गरचे पानी बहुत मयस्सर था’। नशिस्त को परवान चढ़ाते हुए हाफिज़ नदीम ने सुनाया कि ‘इक़ समुन्दर कह रहा है मुझको पानी चाहिए’। निज़ामत कर रहे मुजम्मिल फिदा ने पेश किया कि ‘वह भी जान देते हैं, हम भी फिदा हैं उनपर’, वहीं इशरत फैज़ाबादी का कहना था कि ‘ढले न रात सितारे अभी क्याम करें’।

हिन्दी कवि नीरज सिन्हा ‘नीर’ ने अपनी कविता प्रस्तुत की, ‘संसद में जितने नेता हैं, सबके सब हैं इच्छाधारी’ और इसी ज़मीन पर याराजी बेदार ने पढ़ा कि ‘यह सियासी दूध है कुछ देर में फट जाएगा’। इसी सिलसिले में वरिष्ठ शायर सलाम जाफरी ने पढ़ा कि ‘एक दो सांप मार भी डालें, सारा माहौल तो लुटेरा है। कार्यक्रम में उपस्थित कवि आशाराम जागरथ ने अपनी कविता ‘कविता कलाविहीन’ और ‘तू मैं बन जा’ के पाठ से श्रोताओं को विचार-विह्वल कर दिया। कार्यक्रम में वरिष्ठ आलोचक-चिंतक और कवि आर.डी. आनन्द ने भी अपनी रचना प्रस्तुत की।

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इस अवसर पर १९ मार्च को प्रस्तावित आगामी आयोजन ‘जनवादी साहित्य चौपाल’ के सम्बंध में भी विस्तृत विचार विमर्श हुआ और इल्तिफात माहिर, मो. शफीक और इशरत फै़ज़ाबादी के रूप में नये सदस्यों ने जनवादी लेखक संघ की सदस्यता भी ग्रहण की। गोष्ठी के अंत में उपस्थित कवियों, शायरों और श्रोताओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापन जनवादी लेखक संघ, फैज़ाबाद के सचिव डॉ. विशाल श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर कुमकुम भाग्य, रामदुलारे यादव, धीरज द्विवेदी, आनंद सिंह अन्नू, महावीर सहित कई साहित्यप्रेमी उपस्थित थे।

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