-श्रद्धालुओं के लिए विसर्जन स्थल पर विशाल भंडारे एवं धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया

मिल्कीपुर-अयोध्या। बारुन बाजार देवरिया स्थिति तमसा नदी के संतराम घाट पर बड़ी संख्या में दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन रात 11 बजे तक हुआ। विसर्जन के दौरान श्री श्री बाल दुर्गा पूजा समिति सोखावां की दुर्गा प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसके विसर्जन में हाइड्रा मशीन का सहारा लेना पड़ा,श्रद्धालुओं ने हाइड्रा मशीन के सहारे प्रतिमा को तमसा नदी में विसर्जित किया। संतराम घाट के व्यवस्थापक दूधनाथ यादव ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 75 से अधिक की संख्या में मूर्तियों का विसर्जन तमसा नदी के संतराम घाट पर किया गया है।
उन्होंने बताया कि आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विसर्जन स्थल पर विशाल भंडारे एवं धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।आयोजन समिति के सदस्य वीरेंद्र यादव ने बताया कि उनके पूर्वज संतराम यादव की याद में पूरा परिवार विगत 11 वर्षों से तमसा नदी पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का संचालन करता आ रहा है। मिल्कीपुर तहसील के देवरिया गांव तथा सोहावल तहसील के भाईपुर गांव की सीमा पर स्थिति मूर्ति विसर्जन स्थल पर थाना पूरा कलंदर थानाध्यक्ष अश्वनी पांडेय तथा थाना इनायत नगर के प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल मौजूद रहा।
यहां एसडीएम मिल्कीपुर पवन कुमार शर्मा, राजस्व निरीक्षक अरविंद सिंह, वसीम अहमद खान, लेखपाल दिनेश पांडेय, बिंदु विज्ञान सिंह आदि मौजूद रहे।चौकी प्रभारी बारुन बाजार शिवेंद्र पाल ने बताया कि सभी मूर्तियों का विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से तमसा नदी के संतराम घाट पर कर दिया गया है।तमसा नदी के दोनों छोर स्थित गांव भाईपुर के ग्राम प्रधान शैलेंद्र वर्मा तथा देवरिया के प्रधान प्रतिनिधि सर्वादीन यादव का मूर्ति विसर्जन में विशेष सहयोग रहा।देर रात तक हुए मूर्ति विसर्जन में व्यवस्थापक दूधनाथ यादव,वीरेन्द्र यादव,प्रेमदास यादव, रघुनाथ यादव, दुर्गा प्रसाद चौहान,विश्वनाथ,विजय बहादुर यादव,दिलीप यादव,पवन यादव,मुकेश यादव, विजय चौहान, गौरव यादव,राम सागर चौहान,सुमित यादव,प्रधान सिड़हिर मो नईम, शिव बहादुर,संतोष मिश्रा,अमन सिंह ,विनय यादव,गुड्डू भैया, अवधेश वर्मा, अश्विनी वर्मा, विकास यादव,अभिषेक यादव,महेश कौशल, आदर्श यादव, सुमित यादव, पिन्टू कुमार, वैभव यादव, रोजगार सेवक सुनील यादव, विशाल मौर्य आदि ने विशेष भूमिका निभाई। इसके अलावा घाट के भाईपुर गाँव की तरफ मंगल यादव ने तथा देवरिया गांव की तरफ इलेक्ट्रीशियन पुजारी उर्फ अरविंद विश्वकर्मा ने प्रकाश व्यवस्था संभाली।