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एयरपोर्ट के सीमा में आ रही एचटी लाइन को तत्काल हटाया जाय : गौरव दयाल

-अयोध्या में विश्व स्तरीय पार्क बनाने के लिए 50 से 100 एकड़ खाली भूमि तलाशे अधिकारी

अयोध्या। मण्डलायुक्त गौरव दयाल की अध्यक्षता में अयोध्या को एक विश्व स्तरीय पर्यटन नगरी के रूप में स्थापित करने तथा भव्य एवं समग्र विकास योजना (अयोध्या विजन) की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयुक्त सभागार में आहूत की गयी। सर्वप्रथम एयरपोर्ट अर्थारिटी आफ इंडिया द्वारा निर्माणाधीन एयरपोर्ट के कार्यो की प्रगति समीक्षा करते हुये उन्होंने अधिशाषी अभियन्ता ट्रान्समिशन को निर्देश दिया कि एच0टी0 लाइन जो निर्माणाधीन एयरपोर्ट के सीमा में आ रही है उन्हें तत्काल हटाया जाय तथा लता मंगेशकर चौक के ऊपर से जाने वाले तारों को भी हटाने की प्रक्रिया जल्द की जाय।

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उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन एयरपोर्ट का कोई भी कार्य बाधित न हो इसका सभी अधिकारी ध्यान रखें। एयरपोर्ट अर्थारिटी आफ इंडिया के अधिकारियों द्वारा निर्धारित समयावधि में कार्य को पूरा करने के सम्बंध में कार्ययोजना का विवरण भी प्रस्तुत किया गया। उन्होंने मंदिर निर्माण के बाद श्रद्वालुओं की संख्या में लाखों की बढ़ोत्तरी के दृष्टिगत अयोध्या में पानी की उपलब्धता नियमित बनी रहे तथा श्रद्वालुओं को पानी की समस्या न हों तथा जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था रहे इसके लिए जलनिगम के अधिकारियों को बेहतर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये तथा जलनिगम द्वारा अयोध्या धाम के वार्डो में 24 गुणो 7 पानी सप्लाई के कार्यो की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जलनिगम द्वारा सीवर लाइन आदि के लिए सड़क की खुदाई के लिए कहा कि आर0सी0सी0 कटिंग मशीन से डिजाइन में कटिंग की जाय, जिससे मरम्मत के बाद सड़क भद्दी न दिखे।

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मण्डलायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि अयोध्या में एक विश्व स्तरीय पार्क बनाने के लिए लगभग 50 से 100 एकड़ खाली भूमि तलाशें, जिससे भूमि का चयन कर शासन को भेजा जा सके। उन्होंने कहा कि अयोध्या में सभी प्रकार के शौचालयों यथा जो बनके संचालित है, जो बन रहे है तथा जो अग्रिम भविष्य में बनने वाले है, उनकी एक सूची तैयार करें तथा सभी निर्माणाधीन पथों के किनारे किन-किन स्थानों पर शौचालय प्रस्तावित है इसकी भी एक सूची तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन का भ्रमण भी प्रस्तावित है इसके लिए सभी अधिकारीगण सारी तैयारियां पूरी कर लें।

मण्डलायुक्त ने कहा कि मंदिर निर्माण के बाद श्रद्वालुओं का आगमन बहुत बड़ी संख्या में अन्य राज्यों तथा स्थानों से होगा। इसके लिए यातायात से जुड़े सभी विभागों यथा रेलवे, परिवहन विभाग इसके लिए एक बेहतर रूपरेखा बना लें कि कितनी ट्रेनों व बसों की संख्या बढ़ाई जानी है इसका अध्ययन कर लें, जिससे श्रद्वालुओं को कोई असुविधा न हों। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे प्रोजेक्ट की सूची बनायें जिनका शासन स्तर पर डीपीआर लम्बित है, जिससे शासन स्तर पर पैरवी कर उन्हें स्वीकृत कराया जाय। उन्होंने कहा कि अयोध्या के किसी भी निर्माणाधीन कार्य में इंटरलाकिंग ईंट का प्राविधान न किया जाय तथा स्ट्रीट लाइट की डिजाइनिंग अयोध्या विकास प्राधिकरण के सुझाव के बिना न किया जाय।

मण्डलायुक्त ने अयोध्या बसखारी मार्ग के प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुये कहा कि सम्बंधित ठेकेदार को नोटिस दें तथा जिम्मेदारी तय करें और इसकी कार्ययोजना प्रस्तुत करें कि कैसे शासन द्वारा निर्धारित समयावधि में कार्य को पूर्ण किया जायेगा। उन्होंने अयोध्या में निर्माणाधीन विभिन्न पथों यथा-भक्ति पथ, जन्मभूमि पथ व रामपथ, पंचकोसी परिक्रमा, 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के कार्यो के प्रगति की समीक्षा की तथा कहा कि रामपथ पर सिविल वर्क एक साथ कई जगहों पर चलता रहे इसका विशेष ध्यान रखा जाय।

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बैठक में जिलाधिकारी नितीश कुमार, नगर आयुक्त विशाल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अनिता यादव, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व महेन्द्र कुमार सिंह, अयोध्या विकास प्राधिकरण सचिव सत्येन्द्र सिंह, परियोजना निदेशक आर0पी0 सिंह, अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय, उपनिदेशक सूचना डा0 मुरली धर सिंह सहित सम्बंधित अधिशाषी अभियन्तागण उपस्थित रहे।

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