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चौरासी कोसी परिक्रमा को रवाना हुआ संतों का जत्था

मखौड़ा धाम से शुरू होगी परिक्रमा, 110 गांवों के बीच से गुजरेगी यात्रा

अयोध्या। अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा चौरासी कोसी परिक्रमा करने के लिए गुरुवार को संतों का जत्था मखौड़ा धाम के लिए रवाना हुआ। अयोध्या से दो अलग-अलग स्थानों से लगभग 1000 से अधिक साधु संत के साथ भक्त पूजन-अर्चन के बाद रवाना हुए। 84 कोसी परिक्रमा के लिए विश्व हिंदू परिषद के मुख्यालय कारसेवकपुरम से राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने भगवा ध्वज दिखा कर हनुमान मंडल के संयोजन में सैकड़ों की संख्या में साधु संतों को रवाना किया। दूसरे गुट धर्मार्थ सेवा संस्थान के द्वारा बड़ी संख्या में साधु संतों के साथ भक्त भगवान का भजन कीर्तन करते हुए रवाना हुए। शुक्रवार सुबह सभी संत विधि विधान पूर्वक पूजन अर्चन के बाद इस यात्रा को प्रारंभ करेंगे।

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मखौड़ा धाम से प्रारंभ हो रही 84 कोसी परिक्रमा पांच जनपद बस्ती, अंबेडकर नगर, अयोध्या, बाराबंकी व गोंडा के लगभग 110 गांव के बीच पड़ने वाले सभी तीर्थ स्थलों से होकर 21 दिन में पुनः मखौड़ा धाम पहुंचेगी। परिक्रमा में पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा अपने समर्थकों के साथ सम्मलित हुए। परिक्रमा के दौरान जयश्रीराम के जयघोष से परिवेश गुंजायमान हो गया। पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा ने कहा कि रामनगरी अयोध्या का 84 कोसी परिक्रमा अपने भीतर अध्यात्मिक तेजपुंज को सामहित किये हुए है। रामायण में वर्णित पौराणिक इतिहास को अपने भीतर समेटे कई धार्मिक स्थल व ऋषिमुनियों की तपोस्थली इस मार्ग पर मौजूद है।

परिक्रमा को लेकर आम जनता में उत्साह नजर आ रहा है। साधू संतो के साथ आम जन भी 84 कोसी क्षेत्र की परिक्रमा करके पुण्य प्राप्त करने के लिए तत्पर है। यात्रा विभिन्न पड़ावों से होकर गुजरती है। जहां स्थानीय लोगो के द्वारा वृहद स्तर पर यात्रा का स्वागत भी किया जाता है।

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