लक्ष्य निर्धारित, शैक्षणिक गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता : प्रो. मनोज दीक्षित

    • विवि परिसर में छात्रों और शिक्षकों दोनों की होगी बायोमेट्रिक हाजिरी

    • 23 जुलाई को खुले मंच पर कर्मचारी बता सकेंगे अपनी समस्याएं

    Advertisement

    फैजाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित आज छात्रों के अभिभावक की भूमिका में नजर आए। पत्रकार वार्ता में कुलपति ने ऐलान किया कि शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए हर कदम उठाए जा रहे हैं, कक्षाओं की निगरानी सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से होगी।
    उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न पाठ्यक्रम में निर्धारित सीटों पर प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय हर कदम उठा रहा है। छात्रों को व्यक्तिगत रूप से संवाद करके उन्हें जानकारी दी जा रही है और छात्रों की मंशा के अनुरूप काउंसलिंग के द्वारा उन्हें उनके विषय दिए जा रहे हैं। परिसर में तमाम ऐसे पाठ्यक्रम चल रहे हैं जिनमें छात्र प्रवेश लेकर अपना भविष्य उज्जवल बना सकते हैं। विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों और शिक्षकों दोनों की बायोमेट्रिक हाजिरी होगी. विश्वविद्यालय का जोर होगा व्यवसायिक पाठ्यक्रम से छात्रों को जोड़ कर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और बेहतर भविष्य का निर्माण पर है।
    कुलपति ने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता के माहौल को बनाने के लिए बंदिशें केवल छात्रों पर ही नहीं होगी बल्कि अध्यापकों पर भी होंगी. अब छात्र शिक्षक मूल्यांकन प्रपत्र भी भर सकेंगे. प्रयोगशालाओं को बेहतर किया जा रहा है. छात्र किस विधा में कमजोर हैं इस पर विशेष निगरानी की जाएगी और इसके लिए उच्च तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है और ऐसे एप विश्वविद्यालय में लांच किए जा रहे हैं जिसका फायदा छात्र उठा कर अपनी कमजोरियों को दूर कर सकते हैं।
    पत्रकार वार्ता में प्रभारी कुलसचिव प्रोफेसर एस एन शुकला, अर्थशास्त्र विभाग के डॉक्टर विनोद कुमार श्रीवास्तव, प्रवेश परीक्षा कार्य देख रहे डॉक्टर नरेश चैधरी मौजूद थे। विश्वविद्यालय कार्य परिषद सदस्य ओम प्रकाश सिंह ने कुलपति के द्वारा शैक्षणिक गुणवत्ता को बहाल किए जाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की सराहना की है. उन्होंने मांग किया है कि विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर के जिन पाठ्यक्रमों में निर्धारित सीटों के सापेक्ष प्रवेश कम हो रहे हैं उनकी समीक्षा की जानी चाहिए. स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है और ऐसे पाठ्यक्रम जो पूल बना करके संचालित किए जा रहे हैं उस पर अंकुश भी लगाए जाने की जरूरत है।

    इसे भी पढ़े  ट्रक से चोरी हुआ चावल बरामद, ड्राइवर ने ही बेंचा था चावल

    विवि की कई समितियों में शामिल होंगे छात्र, कर्मचारियों से होगा संवाद

    संवादहीनता बाधक होती है प्रगति में और यह डा. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के संदर्भ में कुछ ज्यादा ही थी पिछले कई वर्षों से.. अब ऐसा नहीं होगा। कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने ठाना है सबसे संवाद होगा। छात्र, कर्मचारी, अध्यापक, विश्वविद्यालय से जुड़े हुए हर व्यक्ति, हर संस्थान और आम जनमानस से.। कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने निर्णय लिया है कि शैक्षणिक गुणवत्ता को बहाल करने के लिए विश्वविद्यालय की उन सभी समितियों में छात्रों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा जो छात्र कल्याण की योजनाओं को निर्धारित करती हैं। कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने व उनकी समस्याओं के निराकरण को लेकर कुलपति ने 23 जुलाई को संत कबीर सभागार में 5 बजे खुला मंच आयोजित किया है जिसमें कर्मचारी अपनी समस्याओं को बता सकेंगे।