-चार साल पहले पट्टीदारी रंजिश को लेकर की गयी थी हत्या
अयोध्या। बीकापुर क्षेत्र में पट्टीदारी रंजिश को लेकर अर्जुन यादव को फावड़ा व कुल्हाड़ी तथा लोहे की राड से जानलेवा हमला कर मौत के घाट उतारने के बहुर्चित मामले में चार अभियुक्तों मोहन यादव व उसकी पत्नी सुषमा तथा भाई भोला व उसकी पत्नी पर अपराध साबित होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी है।
साथ ही अभियुक्तों पर एक लाख 12 हजार रूपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की आधी धनराशि पीड़ित परिवार को दिया जायेगा। यह फैसला प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेन्द्र मोहन ने बुधवार को सुनाया है। यह मामला अयोध्या जनपद के बीकापुर कोतवाली क्षेत्र का वर्ष 2022 का है। वादिनी पक्ष से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता सईद खान ने पैरवी किया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक पट्टीदारी की मामूली रंजिश को लेकर 7 जून 2022 की सुबह 6 बजे 26 वर्षीय अर्जुन यादव की उस समय घेरकर फावड़ा, कुल्हाड़ी, लोहे की राड व लाठी से हमला कर जख्मी कर दिया गया था जब वह घर से निकला था। घायल अवस्था में इलाज के लिए उसे बीकापुर सीएचसी ले जाया गया जहां इलाज के दौरान डाक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर किया गया।
जिला अस्पताल से भी उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गयी। हत्या की रिर्पोट मृतक की मां कमलेश कुमारी विधवा श्यामलाल की तहरीर पर कोतवाली बीकापुर में अपराध संख्या 215/2022 अन्तर्गत धारा 147, 148, 149, 504 व हत्या की धारा 302 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान विवेचक ने नामजद आरोपित भोला, शोभा व मोहन की पुत्री वंदना का नाम निकालकर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे वादिनी के अधिवक्ता सईद खान ने धारा 319 के तहत अन्य आरोपियों को तलब करने की अर्जी कोर्ट में प्रस्तुत किया था जिसपर न्यायालय ने संज्ञान में लेते हुए अन्य अभियुक्तों को तलब कर मुकदमें की सुनवाई शुरू किया। दर्जनभर गवाहों के बयान व अभियोजन पक्ष की सघन पैरवी के चलते मृतक के दो चाचा व चाचियों को जिसमें मोहन, भोला, सुषमा व शोभा पर अपराध सिद्ध होने पर आजीवन कारवास की सजा सुनाई गयी। साथ ही अभियुक्तों पर 1 लाख 12 हजार रूपये जुर्माना भी किया गया। वहीं एक अन्य आरोपिता वंदना के जुमनाइल होने पर पत्रावली अलग कर दी गयी। वहीं न्यायाधीश ने पीड़ित परिवार को जुर्माने की 50 प्रतिशत धनराशि देने का आदेश दिया है।