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फरवरी माह में चलाया जाएगा फाइलेरिया उन्मूलन अभियान

-एक दिवसीय संवेदीकरण कार्यशाला का हुआ आयोजन

अयोध्या। फाइलेरिया उन्मूलन अभियान (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) जो कि माह फरवरी 2023 में जनपद अयोध्या में चलाया जाएगा उसकी पूर्व तैयारी के लिए एक दिवसीय संवेदीकरण कार्यशाला और ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण डब्लूएचओ, पाथ संस्था व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वाधान में जनपद के स्थानीय होटल मे आयोजित किया गया । कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.अजय राजा ने किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अन्य बीमारियों से आम जन को बचाने के लिए जिस प्रकार शासन द्वारा समय-समय पर बीमारी के खात्मे के लिए समयबद्ध तरीके से अभियान चलाए जाते हैं उसी प्रकार फाइलेरिया जिसे हम सभी हाथी पांव के रुप में भी जानते हैं के समापन के लिए सरकार ने 2030 तक पूर्ण रूप से समाप्त करने का लक्ष्य रखा है ।

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मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि फायलेरिया हो जाने के बाद इसका कोई भी पूर्ण इलाज नही है। लेकिन एमडीए अभियान के दौरान साल में एक बार और लगातार 5 साल तक दवा सेवन करने से इस बीमारी से हमेशा के लिए बचा जा सकता है । उन्होने बताया कि फायलेरिया बीमारी सम्बंधित यदि लक्षण प्रकट हो रहे हों तो तत्काल अपने नकदीकी सरकारी अस्पताल में चिकित्सक से संपर्क करें जिससे समय से उपचार सुनिश्चित किया जा सके। आमतौर पर फाइलेरिया के कोई लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते। हालांकि बुखार, बदन में खुजली और पुरुषों के जननांग और उसके आस-पास दर्द व सूजन की समस्या होती है।

इसके अलावा पैरों और हाथों में सूजन, हाइड्रोसिल (अंडकोषों की सूजन) भी फाइलेरिया के लक्षण हैं। चूंकि इस बीमारी में हाथ और पैरों में हाथी के पांव जैसी सूजन आ जाती है, इसलिए इस बीमारी को हाथीपांव कहा जाता है। वैसे तो फाइलेरिया का संक्रमण बचपन में ही आ जाता है, लेकिन कई सालों तक इसके लक्षण नजर नहीं आते। फाइलेरिया न सिर्फ व्यक्ति को विकलांग बना देती है बल्कि इससे मरीज की मानसिक स्थिति पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। इस संवेदीकरण और प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले चिकित्सा अधीक्षक, एचईओ, एआरओ,बीसीपीएम,मलेरिया निरीक्षक, फाइलेरिया निरीक्षक, एवम अन्य स्टॉफ को बेहतर प्रशिक्षण के लिए प्रेरित किया जिससे वो ब्लॉक स्तर पर एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बेहतर प्रशिक्षण प्रदान कर सके साथ ही फरवरी 2023 में चलने वाले अभियान को सफल बना सकें ।

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इस संवेदीकरण और प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रतिभागियों का प्रशिक्षण डब्लू एच ओ, पाथ और स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदान किया गया। संवेदीकरण और प्रशिक्षण कार्यशाला में नोडल आधिकारी वीबीडी, एसीएमओ, डीएसओ, डिप्टी सीएमओ फाइलेरिया नियंत्रण आधिकारी, जिला मलेरिया आधिकारी सहित अन्य अधिकारी और सहयोगी स्टॉफ उपस्थित हुए।

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